उत्तराखंडमुनि की रेती

क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेला 2026 के पांचवे-छठे दिन लोकसंस्कृति और खेल का संगम

मंगलेश डंगवाल व प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुतियों पर झूमे दर्शक, कबड्डी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक आयोजनों ने बढ़ाया उत्साह

मुनिकीरेती/टिहरी (दिलीप शर्मा): पर्यावरण संरक्षण एवं जीरो वेस्ट थीम पर आयोजित क्रेजी पर्यटन एवं विकास मेला 2026 के पांचवे और छठे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं और लोकसंगीत की शानदार प्रस्तुतियों ने मेले को यादगार बना दिया। दोनों ही दिनों में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

मेले के पांचवे दिन स्वर्गीय रमेश चन्द्र डिमरी की स्मृति में ओपन महिला एवं पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष नीलम बिजल्वाण ने किया। इसके पश्चात उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दों पर आधारित काव्य संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें स्थानीय कवियों अशोक क्रेजी और वीरेंद्र सेमवाल ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

शाम को प्रसिद्ध लोकगायक मंगलेश डंगवाल ने छिलकू जगे के, माया बांद, तुरड़ी तुड़ और मेरी छौंदाड़ी सज-धज के जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे।

 

मेले के छठे दिन स्थानीय महिलाओं के मध्य मांगल गीत एवं पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शाम के सांस्कृतिक सत्र में वैदिक जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। किमसारी हाट मा, कैमरा, मोरी रख्या खोली और घंटाकर्ण स्तुति जैसे गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए।

इस अवसर पर समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण, पूर्व पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, रामावल्लभ भट्ट, सुरेन्द्र भंडारी, वरिष्ठ कांग्रेसी दिनेश व्यास, सभासद विनोद खंडूड़ी, ब्रिजेश गिरी, लक्ष्मण भंडारी, गजेंद्र सजवाण, स्वाति पोखरियाल, विनोद सकलानी, क्रेजी फेडरेशन अध्यक्ष मनीष डिमरी, राफ्टिंग एसोसिएशन अध्यक्ष धर्मेंद्र नेगी, भगवती प्रसाद रतूड़ी, विनोद बिजल्वाण, शंकर नौटियाल, उल्लास बहुगुणा, अतुल उनियाल, तुषार जगूड़ी, राजन बिष्ट, किरन चौहान, आरती चौहान, दीपा भट्ट, सीमा बिजल्वाण, देवस्पति बिजल्वाण, रामकृष्ण पोखरियाल, मुख्य सफाई निरीक्षक नितिन सती, सफाई निरीक्षक कमल चौहान, लिपिक विकास सेमवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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