

ऋषिकेश, 30 जनवरी(दिलीप शर्मा): अपराध जब रिश्तों की मर्यादा को लांघ जाता है, तो वह केवल कानून ही नहीं, पूरे समाज को झकझोर कर रख देता है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला ऋषिकेश से सामने आया है, जहां एक पुत्र ने जमीन हड़पने की नीयत से अपनी ही माँ को अपराध का हथियार बना दिया। फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे रची गई यह साजिश आखिरकार कानून की पकड़ में आ ही गई।
फर्जी महिला बनकर कराया गया जमीन का बैनामा
शिकायत के बाद खुला सुनियोजित षड्यंत्र का राज
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब गुरुग्राम निवासी निकुंज गोयल ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी माता रीता रानी की गैरमौजूदगी में एक महिला ने खुद को रीता रानी बताकर उनकी जमीन का बैनामा करा दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए और असली पहचान छिपाने के लिए पारिवारिक रिश्तों का दुरुपयोग किया गया।
बेटे ने माँ को आगे कर रची साजिश
आरोपी महिला निकली बेटे अंकुर दत्त शर्मा की माँ
जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि खुद को रीता रानी बताने वाली महिला कोई और नहीं बल्कि ममता शर्मा, पत्नी देवेंद्र कुमार शर्मा, निवासी दौलतपुर मेरठ (उ.प्र.) थी। वह इस पूरे षड्यंत्र में मुख्य आरोपी अंकुर दत्त शर्मा की माँ है। पुलिस के अनुसार बेटे ने शक से बचने के लिए अपनी माँ को आगे कर इस अपराध को अंजाम दिलवाया।
इस मामले में हरकेश कुमार, मुकेश कुमार प्रजापति, हरिओम सक्सेना, अंकुर दत्त शर्मा और राजेश कुमार के नाम भी मुकदमे में दर्ज हैं।
चार साल तक कानून से बचती रही आरोपी
रुड़की से दबोची गई, कोर्ट ने भेजा जेल
पुलिस का कहना है कि पहचान उजागर होने के बाद ममता शर्मा गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गई थी और लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी। करीब चार वर्षों तक कानून से बचने के बाद आखिरकार कड़ी सुरागरसी और मुखबिर की सूचना पर उसे रुड़की से गिरफ्तार कर लिया गया।
श्यामपुर चौकी प्रभारी सुमित चौधरी ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी
दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए सबक बनी क्राइम स्टोरी
जब लालच रिश्तों से बड़ा हो जाए
यह मामला केवल जमीन घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के पतन और लालच की चरम सीमा को दर्शाता है। जब एक बेटा अपनी ही माँ को अपराध का औजार बना दे, तो यह समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। यह साबित करता है कि अपराध में न उम्र आड़े आती है, न रिश्ता और न ही नैतिकता। कानून भले देर से पहुंचे, लेकिन सच और सजा अंततः तय होती है।









