नई टिहरी में बहुउद्देशीय विधिक सेवा शिविर आयोजित
न्यायमूर्तियों ने आमजन को किया जागरूक, “न्याय सबके लिए” के उद्देश्य से विभिन्न विभागों ने दी जनसेवाएं

नई टिहरी,10 मई(दिलीप शर्मा): उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), टिहरी गढ़वाल द्वारा रविवार को नगर पालिका परिषद सभागार, नई टिहरी में बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का भव्य आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं विधिक सहायता पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति आलोक माहरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे भी मौजूद रहीं।

न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं : न्यायमूर्ति तिवारी
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि विधिक सेवा का उद्देश्य केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, पारिश्रमिक विवाद सहित विभिन्न मामलों में भी निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही व्यक्ति को सशक्त बनाती है और समाज को न्यायपूर्ण दिशा प्रदान करती है।

उन्होंने टिहरी की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र संघर्ष और सहयोग की भावना सिखाता है। उन्होंने लोगों से शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का लाभ उठाने और प्राप्त जानकारी को समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।
विधिक साक्षरता न्याय तक पहुंचने का प्रभावी माध्यम
न्यायमूर्ति आलोक माहरा ने कहा कि विधिक साक्षरता शिविर आमजन तक न्याय पहुंचाने का एक प्रभावी और निःशुल्क माध्यम है। इससे लोग अपने मौलिक एवं वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होते हैं। उन्होंने जरूरतमंद लोगों से बिना संकोच विधिक सहायता लेने की अपील की।

“Access to Justice” की दी विस्तृत जानकारी
जिला जज नितिन शर्मा ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि टिहरी क्षेत्र पूर्व में विधिक सेवाओं से अपेक्षाकृत वंचित रहा है, इसलिए इस कार्यक्रम का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्य “न्याय सबके लिए” एवं “Access to Justice” की विस्तृत जानकारी भी साझा की।

न्याय से कोई वंचित न रहे : सचिव दयाराम
विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दयाराम ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 39(क) के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य कारणों से न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण न्यायालय तक नहीं पहुंच पाने वाले लोगों को ऐसे शिविरों के माध्यम से राहत प्रदान की जा रही है।

‘न्यायमित्र हेल्पलाइन’ और 16 हजार अधिकार मित्रों की जानकारी
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणी ने ‘न्यायमित्र हेल्पलाइन’ 18001804000 की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति निःशुल्क कानूनी सलाह प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में लगभग 16 हजार ‘अधिकार मित्र’ एवं प्रत्येक जिले में पैनल अधिवक्ताओं की टीमें कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में 2780 गांवों को ‘मुकदमा मुक्त’ बनाया गया है तथा ‘समाधान समारोह’ के माध्यम से लंबित मुकदमों के निस्तारण की पहल की जा रही है।

विभिन्न विभागों ने लगाए जनसेवा शिविर
शिविर में राजस्व, कृषि, श्रम, उद्यान, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। इस दौरान आय, जाति, दिव्यांग एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण किया गया, जबकि लोगों को कानूनी परामर्श एवं सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, गढ़वाली डोली, लोकनृत्य एवं नशा मुक्ति विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं नालसा (NALSA) की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

मेधावी छात्र-छात्राएं एवं स्वयं सहायता समूह सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। चंद्रबदनी, घंटाकरण, भुवनेश्वरी, नवदुर्गा एवं सिमरन स्वयं सहायता समूहों को तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
इसके अलावा कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा कृषि उपकरणों हेतु सहायता राशि वितरित की गई, जबकि श्रम, बाल विकास, महिला सशक्तिकरण एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्तियों ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की धर्मपत्नी श्रीमती मंजू तिवारी, न्यायमूर्ति आलोक माहरा की धर्मपत्नी श्रीमती हरिप्रिया माहरा, जनपद के न्यायधीशगण, विभागाध्यक्ष, कर्मचारी, जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में आमजन एवं पत्रकार उपस्थित रहे।










