
देहरादून, 11 मई(दिलीप शर्मा): उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सोमवार को देहरादून स्थित सर्वे चौक के ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ का औचक निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेंटर की कार्यप्रणाली, बुनियादी सुविधाओं तथा आश्रय ले रही महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की।
अध्यक्ष ने सेंटर में महिलाओं के रहने की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का निरीक्षण किया। साथ ही वहां रह रही चार पीड़ित महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कॉल रिकॉर्ड, काउंसलिंग रजिस्टर और लंबित मामलों की प्रगति का भी अवलोकन किया।
“सखी सेंटर भरोसे और न्याय का केंद्र” : कुसुम कण्डवाल
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और सरकार की योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद महिला तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ केवल आश्रय स्थल नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में महिलाओं के लिए भरोसे और न्याय का केंद्र है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक महिला को विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए।
पिछले महीने 78 मामले दर्ज, इस माह अब तक 29 केस पंजीकृत
वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासिका माया नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले माह सेंटर में कुल 78 मामले पंजीकृत किए गए थे, जिनमें से कई मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि कुछ प्रकरण विचाराधीन हैं। वहीं, 1 मई से अब तक 29 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिनकी काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है।
निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रशासिका माया नेगी, काउंसलर मीनाक्षी पुंडीर, आईटी वर्कर कोमल भट्ट सहित अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।










