ऑपरेशन प्रहार: ऋषिकेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पुलिस मुठभेड़ में 15-15 हजार के दो इनामी बदमाश घायल
एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों का असर, हत्या के प्रयास के वांछित अपराधियों के मंसूबे किए नाकाम

ऋषिकेश, 08 जून(दिलीप शर्मा): चारधाम यात्रा-2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए देहरादून पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए हत्या के प्रयास के मामले में वांछित 15-15 हजार रुपये के दो इनामी बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया।
चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर भागे बदमाश, बैरियर तोड़कर हुए फरार
चारधाम यात्रा के मद्देनजर रविवार देर रात नटराज चौक क्षेत्र में पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक चेहरे ढककर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश बैरियर को टक्कर मारते हुए तेज रफ्तार से हरिद्वार बाईपास की ओर फरार हो गए।
पुलिस टीम पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल
सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी। खांड गांव के समीप रेलवे लाइन के पास जंगल की ओर भागने के प्रयास में बदमाशों की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। खुद को घिरता देख दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी, जिसकी एक गोली पुलिस वाहन के साइड मिरर पर लगी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
अवैध हथियार और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद
मौके से पुलिस ने एक फैक्ट्री मेड पिस्टल, एक अवैध तमंचा, विभिन्न बोर के जिंदा एवं खोखा कारतूस, नकदी तथा बिना नंबर प्लेट की घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की। बरामद हथियारों से स्पष्ट है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
जानलेवा हमले के मामले में चल रहे थे वांछित
गिरफ्तार आरोपी आमिर और अनवारूल हक उर्फ अनवर कोतवाली ऋषिकेश में दर्ज जानलेवा हमले के मुकदमे में वांछित चल रहे थे। कुछ दिन पूर्व भुट्टोवाला क्षेत्र में सड़क किनारे शराब पीने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद होने पर उन्होंने अपने साथी के साथ मिलकर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें दो लोग घायल हुए थे। घटना के बाद उनका एक साथी गिरफ्तार हो गया था, जबकि ये दोनों फरार चल रहे थे।
बिहार में हत्या और लूट की वारदात में भी शामिल होने का खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और वहां अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात के दौरान एक व्यक्ति की हत्या कर चुके हैं। इस मामले में बिहार पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस से बचने के लिए वे ऋषिकेश पहुंचे थे, जहां उनके एक साथी का ससुराल होने के कारण वे छिपे हुए थे।
ऋषिकेश से भागने की फिराक में थे आरोपी
पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार जंगलों और सुनसान स्थानों पर छिपते फिर रहे थे तथा मौका मिलते ही ऋषिकेश छोड़कर भागने की योजना बना रहे थे। लेकिन पुलिस की सतर्क चेकिंग और त्वरित कार्रवाई के चलते उनके मंसूबे सफल नहीं हो सके।
देहरादून पुलिस की सतर्कता और साहस की मिसाल
पूरे घटनाक्रम में ऋषिकेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, साहस और पेशेवर कार्यशैली देखने को मिली। पुलिस टीम ने जोखिम उठाते हुए बदमाशों का पीछा किया, उनकी फायरिंग का संयमित जवाब दिया और बिना किसी नागरिक क्षति के दोनों इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। चारधाम यात्रा जैसे संवेदनशील समय में यह कार्रवाई पुलिस की मुस्तैदी और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का प्रभावी उदाहरण मानी जा रही है।
मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम
इस सफल अभियान में प्रभारी निरीक्षक कैलाश चन्द्र भट्ट के नेतृत्व में वरिष्ठ उपनिरीक्षक भरत सिंह रावत, उपनिरीक्षक राजकुमार, उपनिरीक्षक सुमित चौधरी, एसओजी के हेड कांस्टेबल विपिन सैनी, कांस्टेबल मनोज, शेखर सैनी, तेजपाल सिंह तथा मिथिलेश सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम की सतर्कता और साहसिक कार्रवाई से दो शातिर अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सका।










