जिला जनगणना हस्तपुस्तिका प्रशिक्षण का तीसरा दिन सम्पन्न, डीएम ने दिए पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्मिकों को जिम्मेदार, सतर्क और त्रुटिरहित कार्य के लिए तैयार करना : नितिका खण्डेलवाल

नई टिहरी, 23 जुलाई(दिलीप शर्मा): जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) के प्रकाशन के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय दिवस का आयोजन जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी नितिका खण्डेलवाल की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े कार्यों को पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ संपन्न करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं, बल्कि कार्मिकों को जिम्मेदारी, सतर्कता और संयम के साथ कार्य करने के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ नया सीखता है और यही सीख भविष्य में उसके कार्यों के साथ-साथ समाज, देश और दुनिया के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि किसी विषय में कोई संशय या जिज्ञासा हो तो निःसंकोच प्रश्न पूछकर उसका समाधान अवश्य करें। उन्होंने चार्ज अधिकारियों को विशेष रूप से अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने की सलाह देते हुए कहा कि उनके कार्यों से पूरी टीम प्रेरणा प्राप्त करती है।
दूसरे चरण के प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने की अपील
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने दूसरे चरण के प्रशिक्षण को भी पूरी गंभीरता और ध्यानपूर्वक ग्रहण करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे जनगणना से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से संपादित किए जा सकेंगे।
चार्ज अधिकारियों को दी गई तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक जानकारी
प्रशिक्षण के तीसरे दिन तहसील गजा, नरेंद्रनगर, देवप्रयाग और नैनबाग के साथ ही नगर पंचायत गजा एवं नगर पालिका परिषद देवप्रयाग के चार्ज अधिकारियों, क्षेत्रीय अधिकारियों और राजस्व उपनिरीक्षकों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के संकलन की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।
इस दौरान ग्राम एवं नगर स्तर पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं के अद्यतन अभिलेखीकरण, विभिन्न प्रपत्रों के सही संकलन, आंकड़ों के सत्यापन तथा अन्य तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को जनगणना निदेशालय, उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यों के गुणवत्तापूर्ण, त्रुटिरहित और समयबद्ध निष्पादन के लिए आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
मास्टर ट्रेनरों ने कराया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना निदेशालय, उत्तराखण्ड द्वारा नामित मास्टर ट्रेनर पंकज सिंह एवं नीरज कुमार ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर जिला कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी केशव गैरोला, जिला कार्यालय के कार्मिक तथा प्रशिक्षणार्थी भी उपस्थित रहे।
जनगणना कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला जनगणना हस्तपुस्तिका के प्रकाशन से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न करना है। इसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवहारिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि जनगणना संबंधी सभी प्रक्रियाएं त्रुटिरहित एवं प्रभावी ढंग से पूरी की जा सकें।











