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शिक्षकों के सम्मान से बढ़ता है समाज का गौरव: 300 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं सम्मानित

मुनिकीरेती-ढालवाला में शिक्षक दिवस पर हुआ भव्य सम्मान समारोह, फूलमाला, अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित

 

मुनिकीरेती-ढालवाला 5 सितंबर(दिलीप शर्मा): शिक्षक दिवस के अवसर पर देहरादून रोड स्थित वेडिंग प्वाइंट में आयोजित भव्य शिक्षक सम्मान समारोह में मुनिकीरेती-ढालवाला क्षेत्र के 300 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को फूलमाला, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के योगदान, समर्पण और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।

 

समारोह का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण, नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, राजकीय पेंशनर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र सिंह कृषाली, पेंशनर्स संगठन मुनिकीरेती के अध्यक्ष शूरवीर सिंह चौहान एवं राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता गुरू प्रसाद बिजल्वाण ने पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

शिक्षक देश के भविष्य के निर्माता: हिमांशु बिजल्वाण

वरिष्ठ समाजसेवी हिमांशु बिजल्वाण ने समारोह में उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके योगदान के लिए नमन करते हुए कहा कि देश का भविष्य शिक्षकों के मार्गदर्शन, योगदान और समर्पण पर निर्भर करता है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें अनुशासन, मेहनत, जिम्मेदारी और अच्छे संस्कारों की सीख भी प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को उनकी क्षमताओं को पहचानने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं। समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

शिक्षकों के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन: कृषाली

राजकीय पेंशनर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र सिंह कृषाली ने कहा कि 5 सितंबर शिक्षकों के योगदान, मार्गदर्शन और समर्पण के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने के साथ ही आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने समारोह के आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों के सम्मान के लिए इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।

300 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं हुए सम्मानित

समारोह के दौरान मुनिकीरेती-ढालवाला क्षेत्र के 300 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं को फूलमाला पहनाकर, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान कई शिक्षकों ने अपने शिक्षक जीवन के अनुभव मंच से साझा किए और शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभवों को उपस्थित लोगों के साथ साझा किया।

शिक्षक दिवस समारोह में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर राजकीय पेंशनर्स संगठन के प्रदेश सचिव चंद्रप्रकाश सहित प्रेमचंद, दिनेश व्यास, विनोद बिजल्वाण, रमेश पैन्यूली, जबर सिंह पंवार, भगवती उनियाल, हृदयराम सेमवाल, मुरलीधर ग्वाड़ी, पीएल भट्ट, राजेंद्र प्रसाद नौटियाल, विरेंद्र सिंह असवाल, दिवाकर प्रसाद पांडे, प्रेमबहादुर थापा, सुरतानंद पैन्यूली, धन सिंह रांगड़, उत्तम सिंह असवाल, जनार्दन प्रसाद सेमवाल, सुरेंद्र सिंह भंडारी, भगवती प्रसाद रतूड़ी, मनीष डिमरी, राम सिंह सजवाण, कैलाश चंद्र पैन्यूली, सत्येंद्र सिंह रावत, भोला सिंह बिष्ट, खुशहाल सिंह राणा, एसएस रतूड़ी, महेश प्रसाद व्यास, कुशला प्रसाद भट्ट, अनूप कुमार जोशी, पदम सिंह बिष्ट, शंकर दत्त पैन्यूली, विजयपाल सिंह रांगड़, भगवान सिंह रांगड़, सुनील दत्त थपलियाल, वास्वानंद परिंदियाल, नरेंद्र गुंसाई, पुष्कर सिंह असवाल, जितेंद्र भारती, शांति प्रसाद मैठाणी, गोरा सिंह पोखरियाल, शूरवीर सिंह असवाल, पूर्णानंद बहुगुणा, दिगंबर प्रसाद, विशालमणि पैन्यूली, गोपाल दत्त खंडूड़ी, अंबिका प्रसाद पैन्यूली, मोतीलाल भट्ट, रमेश चंद्र बहुगुणा, सुशीला बडथ्वाल, दिनेश प्रसाद उनियाल, देवेंद्र दत्त जोशी, धर्मपाल सिंह चौहान, राममोहन नौटियाल, जयपाल सिंह नेगी, मोहन रणाकोटी, जगदंबा, अनंत राम रतूड़ी, अशोक क्रेजी, आरती पाल, निशा फर्सवाण, शर्मिला सुंदरियाल, अरविंद सिंह तोमर, सचेंद्र सिंह चौहान, कीर्ति सिंह नेगी, रामस्वरूप नौटियाल, रजनी भारद्वाज, विजयलक्ष्मी असवाल, मीना बिष्ट, मेघा उनियाल, उमा ड्यूडी, सरोजबाला सेमवाल, सुशीला बड़थ्वाल, प्रतिभा भंडारी, प्रेमा रतूड़ी, यशोदा बड़ोला, निर्मला त्रिपाठी, पीडी सेमल्टी, प्रेम सिंह बगियाल, हुकम दत्त बिजल्वाण, गणेश चंद्र डबराल, सुधा द्विवेदी, बीनू माजी, विनोद द्विवेदी, हर्षलाल असवाल, आकृति गुनसोला, संध्या, श्रुति, रंजना उनियाल, कामन बंसल, रीना डोभाल, कनक नौटियाल, प्रिया डिमरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

समारोह में शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव देखने को मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षित ही नहीं करते, बल्कि वे समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं।

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