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ऋषिकेश में नशे के खिलाफ महिलाओं की बड़ी पहल, शिवाजी नगर में गठित हुआ महिला मंगल दल

राज्य महिला आयोग और ऋषिकेश पुलिस की संयुक्त पहल, अवैध शराब और सूखे नशे पर रखी जाएगी पैनी नजर

ऋषिकेश, 21 जुलाई(दिलीप शर्मा): नशा मुक्त समाज के निर्माण और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ऋषिकेश पुलिस एवं उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शिवाजी नगर में महिला मंगल दल का गठन किया। यह दल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर क्षेत्र में अवैध शराब, सूखे नशे और अन्य नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चलाएगा।

सोमवार को कोतवाली ऋषिकेश के तत्वावधान में आयोजित बैठक में उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश, चौकी प्रभारी तथा शिवाजी नगर एवं आसपास के क्षेत्रों की बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। बैठक में क्षेत्र में बढ़ते शराब और सूखे नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा महिलाओं को नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और पुलिस का सक्रिय सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस की सहयोगी बनेगा महिला मंगल दल

बैठक के दौरान सर्वसम्मति से महिला मंगल दल का गठन किया गया। यह दल क्षेत्र में पुलिस के सहयोगी के रूप में कार्य करेगा तथा अवैध शराब की बिक्री, सूखे नशे के कारोबार और नशे से संबंधित अन्य गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएगा। इसके अलावा दल मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति भी सचेत करेगा।

महिलाओं की भागीदारी से ही बनेगा नशा मुक्त समाज : कुसुम कंडवाल

उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक महिला अपने परिवार, पड़ोस और मोहल्ले में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाए तथा पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्य करे तो इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की नशे से जुड़ी गतिविधि की जानकारी छिपाने के बजाय तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

पुलिस मित्र बनकर निभाएं जिम्मेदारी : प्रभारी निरीक्षक

प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश ने महिला मंगल दल की सदस्याओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे ‘पुलिस मित्र’ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी अवैध शराब की बिक्री, सूखे नशे का कारोबार या नशे का सेवन होता दिखाई दे, उसकी सूचना तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराएं, जिससे दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय नागरिकों, विशेषकर महिलाओं के सहयोग से लगातार कार्रवाई करती रहेगी।

नशा मुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प

बैठक के समापन पर उपस्थित सभी महिलाओं ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा उत्तराखण्ड पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस पहल को क्षेत्र में नशे के विरुद्ध जनसहभागिता बढ़ाने और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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