उत्तराखंडटिहरी गढ़वालनिरीक्षण

धनौल्टी पार्किंग निर्माण में तेजी लाने के निर्देश, डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

एक माह में कार्य पूर्ण करने की चेतावनी, देरी होने पर ठेकेदार के खिलाफ होगी कार्रवाई; 65 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग से पर्यटन और यातायात व्यवस्था को मिलेगा लाभ

टिहरी गढ़वाल, 23 जून(दिलीप शर्मा): जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल ने मंगलवार को तहसील धनौल्टी में निर्माणाधीन बहुस्तरीय वाहन पार्किंग का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए एक माह के भीतर परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के समय जिला विकास अधिकारी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, तहसीलदार धनौल्टी तथा लोक निर्माण विभाग थत्यूड़ के अधिकारी मौजूद रहे। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग थत्यूड़ ने बताया कि पार्किंग का निर्माण श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय रुर्बन मिशन के अंतर्गत किया जा रहा है। परियोजना की स्वीकृत लागत 4.05 करोड़ रुपये तथा अनुबंधित लागत 3.76 करोड़ रुपये है। पार्किंग में कुल 65 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि फरवरी 2026 में आयोजित तहसील दिवस के दौरान स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पार्किंग निर्माण कार्य में हो रही देरी की शिकायत की थी। इसी के मद्देनजर कार्यों की प्रगति का पुनः निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि पार्किंग संख्या-02 का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, जबकि पार्किंग संख्या-01 में भूतल का निर्माण पूर्ण होने के बाद प्रथम तल के लिए रैंप और रेलिंग निर्माण कार्य जारी है।

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को बताया कि समीप स्थित ईको पार्क में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण पार्किंग सुविधा के अभाव में अक्सर सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि ठेकेदार द्वारा पहले ही कार्य पूर्ण करने में विलंब किया जा चुका है। यदि आगामी एक माह के भीतर परियोजना पूरी नहीं की गई तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि धनौल्टी राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। पार्किंग निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम और व्यवस्थित हो सकेगी।

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