तेज बहाव में बहा कांवड़िया, SDRF और जल पुलिस ने 500 मीटर आगे जाकर बचाई जान
त्रिवेणी घाट पर स्नान के दौरान गंगा की तेज धारा की चपेट में आया 22 वर्षीय कांवड़िया, रेस्क्यू टीमों की तत्परता से सुरक्षित बचा

ऋषिकेश, 8 अगस्त(दिलीप शर्मा): त्रिवेणी घाट पर शनिवार दोपहर गंगा स्नान के दौरान एक कांवड़िया अचानक नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगा। घटना की सूचना मिलते ही घाट पर तैनात SDRF, जल पुलिस एवं आपदा राहत दल ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीमों की त्वरित कार्रवाई के चलते कांवड़िए को करीब 500 मीटर आगे जाकर सुरक्षित पकड़ लिया गया और सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया।
स्नान के दौरान अचानक तेज बहाव में बहा कांवड़िया
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे त्रिवेणी घाट पर कांवड़िया गंगा नदी में स्नान कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गया और पानी के साथ आगे की ओर बहने लगा। मौके पर मौजूद SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल के जवानों ने घटना को देखते ही तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
रेस्क्यू बोट से बहाव के साथ दौड़ी टीम
रेस्क्यू टीम ने तत्काल रेस्क्यू बोट एवं आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की मदद से गंगा में अभियान शुरू किया। तेज बहाव के बावजूद जवानों ने बहते हुए कांवड़िए का पीछा किया और करीब 500 मीटर आगे जाकर उसे सुरक्षित पकड़ लिया। समय रहते किए गए इस रेस्क्यू से कांवड़िए को गंगा में डूबने से बचा लिया गया।
रेस्क्यू के बाद कांवड़िए को सकुशल घाट पर लाया गया, जहां आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे उसके साथियों के सुपुर्द कर दिया गया।
हरियाणा से कांवड़ लेने ऋषिकेश आया था युवक
रेस्क्यू किए गए कांवड़िए की पहचान 22 वर्षीय कपिल दुहन, पुत्र सत्यवान दुहन, निवासी ग्राम चिड़ियाना, थाना IMT, जनपद रोहतक, हरियाणा के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपने साथियों के साथ कांवड़ लेने के लिए ऋषिकेश आया था।
श्रद्धालुओं से सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील
गंगा नदी में इन दिनों जलस्तर और बहाव बढ़ने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन एवं रेस्क्यू टीमों ने श्रद्धालुओं, कांवड़ियों और पर्यटकों से गंगा स्नान के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे गंगा के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और केवल सुरक्षित एवं पक्के घाटों पर ही स्नान करें। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस एवं रेस्क्यू टीमों के निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल की तत्परता से समय रहते किए गए इस सफल रेस्क्यू ने एक बार फिर साबित किया कि संवेदनशील घाटों पर तैनात रेस्क्यू टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।



