
ऋषिकेश (दिलीप शर्मा): नशामुक्त भारत के निर्माण की दिशा में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों के तहत ब्रह्माकुमारीज, ऋषिकेश द्वारा ‘10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता करते हुए नशे के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में नगर निगम की उपनगर आयुक्त अंकिता जोशी, पार्षद दिनेश रावत एवं पूर्व पार्षद शिव कुमार गौतम सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक किया गया तथा विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
नशा व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को करता है प्रभावित
इस अवसर पर ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए चलाया जा रहा यह अभियान वर्तमान समय में बेहद महत्वपूर्ण है। नशा केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नशे की लत से व्यक्ति का स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन प्रभावित होने के साथ-साथ परिवार की खुशहाली भी प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक और रचनात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
सरकार और समाज को मिलकर करना होगा प्रयास
मेयर शंभू पासवान ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए सरकार, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर सामूहिक प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि समाज में नशे के खिलाफ निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है, ताकि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे ‘नशामुक्त भारत अभियान’ से जुड़ें और अपने आसपास के लोगों, विशेषकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
सामूहिक संकल्प से बनेगा नशामुक्त समाज
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि यदि परिवार, समाज और संस्थाएं मिलकर लगातार प्रयास करें तो नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और नशामुक्त वातावरण को बढ़ावा देना रहा।






