उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

सकलाना क्षेत्र में आपदा पुनर्निर्माण कार्यों का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

चिफल्डी ट्रॉली पुल, भुत्सी के लाल पुल और रगड़ इंटर कॉलेज भवन का लिया जायजा; आपदा प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के निर्देश

टिहरी गढ़वाल, 24 जून(दिलीप शर्मा): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण एवं राहत कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने बुधवार को धनोल्टी तहसील के सकलाना क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन पुलों, विद्यालय भवन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने चिफल्डी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन ट्रॉली पुल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने पुल निर्माण में तेजी लाने की मांग करते हुए बताया कि इसके अभाव में लगभग दस गांवों के लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता गणेश नौटियाल ने बताया कि पुल का स्पान बढ़ाया गया है और दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था को 30 जून तक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।

इसके बाद जिलाधिकारी ने भुत्सी के सीतापुर में बान्दल नदी पर निर्माणाधीन लाल पुल का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 27 मीटर स्पान और 1.5 मीटर चौड़ाई वाले इस पुल का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विभाग ने एक सप्ताह के भीतर पुल पर आवाजाही शुरू कराने तथा 15 दिनों में शेष सिविल कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने नदी कटाव से प्रभावित कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण और क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत की मांग भी उठाई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सकलाना क्षेत्र के रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में जिलाधिकारी ने प्री-फैब्रिकेटेड भवन का निरीक्षण किया। ग्राम प्रधान मधु देवी ने विद्यालय में नई कक्षाओं के निर्माण के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई चार कक्षाओं के स्थान पर खनिज न्यास मद से 50 लाख रुपये की लागत से छह कक्ष और एक कंप्यूटर लैब का निर्माण कराया गया है। वर्तमान में विद्यालय में 169 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

इस दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, आपदा सुरक्षा और विस्थापित परिवारों के लिए संपर्क मार्ग निर्माण सहित विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों को लंबित किराया सहायता उपलब्ध कराने तथा खतरे की जद में रहने वाले परिवारों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा के प्रति बच्चों की प्रतिबद्धता को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि सरकार विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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