हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में IDPL क्षेत्र में चला वृहद स्वच्छता अभियान
जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और नगर निगम ने मिलकर किया श्रमदान, करीब 9.5 टन कचरा हटाया

ऋषिकेश, 8 अगस्त(दिलीप शर्मा): माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को ऋषिकेश के IDPL क्षेत्र में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तहसील विधिक सेवा समिति और नगर निगम ऋषिकेश के संयुक्त तत्वावधान में चलाए गए अभियान में अधिकारियों, कर्मचारियों, पर्यावरण मित्रों, पैरा लीगल वालंटियर्स और स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।

अभियान के दौरान IDPL सिटी गेट से वीरभद्र डाकघर तक मध्य मार्ग तथा आसपास के विभिन्न स्थानों पर लंबे समय से जमा कूड़े-कचरे को हटाया गया। विशेष रूप से हाट बाजार IDPL और आसपास के खाली प्लॉटों एवं मैदानों में व्यापक साफ-सफाई की गई। अभियान में करीब 9.5 टन कचरा एकत्र कर मौके से हटाया गया।
अपर सिविल जज ने संभाली अभियान की कमान
स्वच्छता अभियान की एक टीम का नेतृत्व अपर सिविल जज (जू.डी.)/सचिव तहसील विधिक सेवा समिति तान्या मिड्ढा ने किया। उन्होंने स्वयं स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करते हुए श्रमदान किया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
वहीं दूसरी टीम का नेतृत्व नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शम्भू पासवान एवं नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ल ने किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्वच्छता कार्यों का निरीक्षण किया तथा अभियान में जुटे कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।
हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद स्वच्छता व्यवस्था को लेकर बढ़ी सक्रियता
गौरतलब है कि राज्य में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर माननीय उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में 8 अगस्त को तहसील एवं नगर निगम स्तर पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर न केवल सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई, बल्कि आमजन को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय से जमा कूड़े का निस्तारण करने के साथ ही लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और जनभागीदारी की भावना विकसित करना रहा।
हाट बाजार और आसपास के क्षेत्रों से हटाया गया भारी मात्रा में कूड़ा
अभियान के दौरान IDPL के मध्य मार्ग के अलावा आसपास के मैदानों और खाली प्लॉटों में जमा कचरे को प्राथमिकता के आधार पर हटाया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से सफाई अभियान चलाया।
विशेष रूप से हाट बाजार IDPL क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कूड़ा एकत्रित किया गया। इस दौरान वहां मौजूद फेरी विक्रेताओं को भी प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे का उचित ढंग से निस्तारण करने के लिए जागरूक किया गया। उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकने और निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से कचरा निस्तारित करने की अपील की गई।
नगर निगम के संसाधनों और पर्यावरण मित्रों ने संभाला मोर्चा
स्वच्छता अभियान में नगर निगम ऋषिकेश की ओर से करीब 30 पर्यावरण मित्र, 6 पर्यावरण पर्यवेक्षक, 4 सफाई निरीक्षक और 1 मुख्य सफाई निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। कूड़ा उठाने और परिवहन के लिए 1 जेसीबी, 3 बड़ी ट्रॉलियां तथा 4 हूपर-टिपर भी लगाए गए।
नगर निगम के पर्यावरण मित्रों ने विभिन्न स्थानों से कूड़ा एकत्र कर उसे वाहनों के माध्यम से निर्धारित स्थान तक पहुंचाया। अभियान के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अधिकारी और स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर किया श्रमदान
अभियान में नगर निगम ऋषिकेश के नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ल, तहसीलदार ऋषिकेश प्रदीप सिंह नेगी, सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट तथा नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर एवं पर्यावरण सचेतक डॉ. विनोद प्रसाद जुगलान ने सक्रिय भूमिका निभाई।
तहसील विधिक सेवा समिति से जुड़े पैरा लीगल वालंटियर्स (प्राविधिक स्वयंसेवक) ने भी अभियान में भाग लिया। इसके अलावा नगर निगम के पर्यावरण मित्रों और स्वयंसेवकों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर सफाई कार्य किया।
बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने दिया सहयोग
स्वच्छता अभियान में अखिल भंडारी, स्वच्छता निरीक्षक अमित नेगी, अभिषेक मल्होत्रा, राजन भट्ट, महेश उनियाल, सुभाष सेमवाल, पर्यावरण पर्यवेक्षक महेंद्र, राकेश, नरेश, प्राविधिक स्वयंसेवक विभा नामदेव, बिमला नौटियाल, ममता रमोला और मीनाक्षी कपरूवाण सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
अभियान के माध्यम से प्रशासन और नगर निगम ने आमजन से शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग देने तथा सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा न डालने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनभागीदारी के माध्यम से ही ऋषिकेश को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।




