मानसून से पहले टिहरी में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज, 2 जुलाई को पांच स्थानों पर होगी मॉक ड्रिल
राज्य स्तरीय टेबल टॉप अभ्यास की समीक्षा बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन ने दिए समन्वित कार्रवाई के निर्देश, स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर जोर

नई टिहरी, 30 जून(दिलीप शर्मा): मानसून सीजन के मद्देनजर आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय करने की दिशा में टिहरी गढ़वाल में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मंगलवार को राज्य स्तरीय मानसून तैयारी टेबल टॉप अभ्यास की समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई, जिसमें 2 जुलाई को प्रस्तावित मॉक ड्रिल की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित आपदा की स्थिति में घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (IRS) के तहत सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने राहत एवं बचाव दलों की समय पर तैनाती, निर्धारित कमांड चेन के अनुरूप कार्यवाही तथा सेवा भाव से कार्य करने पर विशेष बल दिया। साथ ही महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि जनपद टिहरी गढ़वाल में मॉक ड्रिल के लिए घनसाली के जखन्याली, देवप्रयाग के मूल्या, नरेंद्रनगर के बगड़धार, कण्डीसौड़ के स्यांसू तथा टिहरी झील क्षेत्र सहित पांच स्थानों का चयन किया गया है। प्रत्येक स्थल के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो मॉक ड्रिल का संचालन एवं समन्वय करेंगे।
उन्होंने बताया कि टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रभावित हो सकने वाले अन्य जनपदों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
बैठक में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग के.एस. नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट, अधिशासी अभियंता पेयजल संस्थान प्रशांत भारद्वाज, सहायक परिवहन अधिकारी बिराटिया, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई जी.आर. नौटियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










