फरार चल रहे दो वारंटी ऋषिकेश पुलिस के हत्थे चढ़े, न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
आबकारी अधिनियम और एनआई एक्ट के मामलों में लंबे समय से फरार थे दोनों अभियुक्त, एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली ऋषिकेश पुलिस की कार्रवाई

ऋषिकेश, 30 जुलाई(दिलीप शर्मा): वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपदभर में फरार अभियुक्तों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली ऋषिकेश पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे दो वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में विशेष पुलिस टीमों का गठन कर लगातार सघन चेकिंग और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इसी अभियान के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर दोनों वारंटियों को उनके आवासों से गिरफ्तार किया गया।
इन मामलों में थी गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि पहला मामला वर्ष 2017 के वाद संख्या 640/17 से संबंधित है, जो धारा 60(1)(क) आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज है। वहीं दूसरा मामला वर्ष 2021 के वाद संख्या 319/21 से जुड़ा है, जिसमें धारा 138 एनआई एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। दोनों अभियुक्त लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे।
गिरफ्तार किए गए वारंटी
- अमित थापा (38 वर्ष) पुत्र नवल सिंह, निवासी चन्द्रेश्वर नगर, ऋषिकेश, जनपद देहरादून।
- सचिन कुमार जायसवाल (46 वर्ष) पुत्र स्व. बाबूराम जायसवाल, निवासी 416, मोटी माई धर्मशाला, ऋषिकेश।
पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को 29 जुलाई को गिरफ्तार किया। मेडिकल परीक्षण के उपरांत 30 जुलाई को उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे—
- उपनिरीक्षक बिनेश कुमार
- कांस्टेबल 697 रुपेश
अभियान रहेगा जारी
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने बताया कि न्यायालय से जारी वारंटों की तामील तथा फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून से बचने का प्रयास करने वाले अभियुक्तों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।










