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ऋषिकेश पुलिस की तत्परता से खोए दो मासूम भाई सुरक्षित मिले, परिजनों ने कहा— पुलिस ने लौटाई हमारी खुशियां

सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस टीम, सीसीटीवी फुटेज और सघन खोजबीन के बाद दोनों बच्चों को सकुशल परिजनों से मिलाया

ऋषिकेश (दिलीप शर्मा): पुलिस की सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक और सराहनीय उदाहरण शुक्रवार को उस समय देखने को मिला, जब घर से लापता हुए दो मासूम भाइयों को ऋषिकेश पुलिस ने कुछ ही समय में सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चों के सकुशल मिलने के बाद परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने पूरी पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उसकी मानवीय कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 31 जुलाई 2026 को मखसूधन पुत्र सूक्त महतो, निवासी शीशमवाड़ा, मुनिकीरेती (जनपद टिहरी गढ़वाल) ने अपने दो नाबालिग पुत्रों के अचानक लापता होने की सूचना ऋषिकेश पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए तत्काल खोज अभियान शुरू कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज खंगाली, बस और ऑटो स्टैंड पर चलाया सघन अभियान

उपनिरीक्षक शैलेन्द्र ममगाईं के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड और आसपास के संभावित स्थानों पर व्यापक तलाश अभियान चलाया। साथ ही विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन अवलोकन किया गया। पुलिसकर्मियों ने आमजन से पूछताछ करते हुए हर संभावित स्थान पर बच्चों की तलाश जारी रखी।

पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ का परिणाम यह रहा कि दोनों बच्चे—शिवांश कुमार (10 वर्ष) एवं दिव्यांश कुमार (8 वर्ष)—सकुशल बरामद कर लिए गए। इसके बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

बच्चों के सुरक्षित मिलने से लौटी परिवार की मुस्कान

अपने दोनों बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने ऋषिकेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशील रवैये और मानवीय सोच की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पूरी पुलिस टीम का हृदय से धन्यवाद दिया। परिजनों ने कहा कि पुलिस की तत्परता के कारण उनका परिवार बड़ी चिंता और संकट से बाहर निकल सका।

मानवीय पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि उत्तराखंड पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर आम नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ तत्पर रहती है। ऋषिकेश पुलिस की यह कार्रवाई जनसेवा, जिम्मेदारी और मानवीय पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

बरामदगी करने वाली पुलिस टीम

  • उपनिरीक्षक शैलेन्द्र ममगाईं
  • कांस्टेबल 155 सुनील कुमार
  • कांस्टेबल 1120 शंकर बिजलवान
  • कांस्टेबल 171 कुंदन चंद

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