हिंदी दिवस पर खाड़ी महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
निबंध, कविता वाचन और भाषण प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने लिया उत्साहपूर्वक भाग, हिंदी के संरक्षण-संवर्धन का लिया संकल्प




नई टिहरी, 14 सितंबर(दिलीप शर्मा): राजकीय महाविद्यालय खाड़ी, टिहरी गढ़वाल में हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। हिंदी पखवाड़े के तहत आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करते हुए हिंदी भाषा के प्रति अपने लगाव और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं भाषाई प्रतिभा को निखारने के लिए निबंध, कविता वाचन और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 12 सितंबर को आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने राजभाषा हिंदी का महत्व, वैश्विक स्तर पर हिंदी की स्थिति, डिजिटल युग एवं सोशल मीडिया में हिंदी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हिंदी के अवसर एवं चुनौतियां तथा लोकभाषा से राजभाषा तक हिंदी का विकास जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इसी क्रम में 14 सितंबर को महाविद्यालय परिसर में कविता वाचन एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर ओजस्वी विचार रखे। वहीं कविता वाचन प्रतियोगिता में देशभक्ति एवं साहित्य से ओत-प्रोत रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. ईरा सिंह ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र, जयशंकर प्रसाद, रामधारी सिंह दिनकर, महादेवी वर्मा और सुमित्रानंदन पंत जैसे महान साहित्यकारों के हिंदी साहित्य के विकास में योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
हिंदी विभाग की श्रीमती मीना ने हिंदी दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं वर्तमान संदर्भ में हिंदी की भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हिंदी की बढ़ती सशक्त उपस्थिति का उल्लेख करते हुए भाषा के समक्ष मौजूद चुनौतियों और उनके समाधान पर भी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल हमारी मातृभाषा ही नहीं, बल्कि देश को एकता के सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम भी है।
प्रतियोगिताओं के विजेता हुए सम्मानित
आयोजित प्रतियोगिताओं में निबंध प्रतियोगिता में शालिनी ने प्रथम, भूमिका ने द्वितीय और मनप्रीत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कविता वाचन में सुरजी प्रथम, अंजली द्वितीय और कुसुम तृतीय रहीं। वहीं भाषण प्रतियोगिता में संजना ने प्रथम, भूमिका ने द्वितीय और किरण ने तृतीय स्थान हासिल किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा उनका उत्साहवर्धन किया गया।
समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने हिंदी साहित्य के मूर्धन्य कवियों की कालजयी रचनाओं एवं पंक्तियों का उल्लेख करते हुए हिंदी के समृद्ध इतिहास और साहित्यिक विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक व्यवहार में हिंदी भाषा का अधिक से अधिक प्रयोग करने तथा हिंदी के मान-सम्मान और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्राध्यापक वर्ग से डॉ. ईरा सिंह, डॉ. शनव्वर, डॉ. मीनाक्षी, लाइब्रेरी अधिकारी डॉ. ममता तथा कर्मचारी वर्ग से प्रशासनिक अधिकारी शूरवीर दास, कनिष्ठ सहायक मनीषा, आशीष, दीपक, पंकज और हितेश उपस्थित रहे।





