विद्यार्थियों के सपनों से बनेगा विकसित उत्तराखंड : सीएम धामी
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ पर मुख्यमंत्री ने छात्रों से किया सीधा संवाद, 2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने साझा किए विचार




टिहरी गढ़वाल, 13 सितंबर(दिलीप शर्मा): कीर्तिनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर के प्रेक्षागृह में रविवार को ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर से आए विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया और विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके सपनों, विचारों एवं सुझावों को जाना।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा, सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साहवर्धक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं के विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
2,67,744 विद्यार्थियों ने भेजे निबंध और विचार
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेशभर के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं विचार भेजे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के विचार उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच एवं संकल्प को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए निबंधों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने इतने अच्छे निबंध लिखे हैं कि यह निर्णय करना कठिन है कि किसने अच्छा और किसने बहुत अच्छा लिखा है।

पलायन पर बोलीं छात्राएं, मुख्यमंत्री ने बताया स्थायी-अस्थायी पलायन का अंतर
रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन विषय पर अपने निबंध के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इसे दो-तीन दिनों में लिखा और पलायन को विषय इसलिए चुना, क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं महसूस किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से स्थायी और अस्थायी पलायन देखने को मिलता है। शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं है। बाहर जाकर पढ़ाई और अनुभव हासिल करने से युवाओं को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। हालांकि पहाड़ों में माताओं-बहनों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, इसके बावजूद वे अपने स्तर पर कार्य कर रही हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं।
देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार रखे। वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत तभी बनेगा, जब हर गांव, हर जिला और हर राज्य विकसित होगा।
‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार’ के विचार की सीएम ने की सराहना
छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा—‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार।’ मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन संकल्प मजबूत होना चाहिए कि जीवन में कुछ बेहतर करना है।
छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के प्रति लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे हैं। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए युवाओं को सजग रहना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जनपद और प्रदेश में हो रहे कार्यों की जानकारी रखने का भी आह्वान किया।
युवाओं से बोले सीएम—नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें
रुद्रप्रयाग की अनुष्का ने पलायन रोकने को लेकर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं, इसके बावजूद गांव-गांव तक बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित की जा रही हैं और रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें।
पर्यटन, पर्यावरण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी आए सुझाव
इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण एवं चारधाम यात्रा से जुड़े सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। छात्र मुकेश कुशवाहा ने छोटे-छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने और विद्यालय स्तर पर कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू किए जाने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने इसे अच्छा सुझाव बताते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता का बेहतर प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
‘वर्ष 2047 का भारत युवाओं के सपनों से बनेगा’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं। भविष्य का उत्तराखंड और भारत युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। वर्ष 2047 में भारत कैसा हो, उसमें युवाओं की क्या भूमिका हो और व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए, इन सभी विषयों पर युवाओं की सोच महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं युवाओं की प्रतिभा को रोकने वाले नकल माफियाओं के खिलाफ सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के विचारों से उनकी परिकल्पना, ज्ञान और भविष्य को लेकर सोच का पता चलता है। सभी के भीतर आगे बढ़ने और कुछ बेहतर करने की तीव्र इच्छा दिखाई देती है।
अदिति की चित्रकृति मुख्यमंत्री को भेंट, अधिकारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान छात्रा अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री को अपनी बनाई चित्रकृति भेंट की। बेहतर सहभागिता के लिए नोडल अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट को सम्मानित किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग जनपद से निबंध लेखन में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर निरंतर मेहनत करें और प्रदेश एवं देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का संचालन नेहा अग्रवाल और डॉ. राहुल अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, सीडीओ वरुणा अग्रवाल सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






