हिंदी को ज्ञान-विज्ञान और तकनीक से जोड़कर विश्व मंच पर दिलानी होगी सशक्त पहचान
मुख्य सेवक सदन में हिंदी दिवस समारोह आयोजित, विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र सम्मानित




देहरादून(दिलीप शर्मा): हिंदी दिवस के अवसर पर मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हिंदी भाषा के महत्व और इसकी व्यापक संभावनाओं से परिचित कराया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए कहा गया कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी जड़ों, संस्कारों और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी पहचान है। हिंदी हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व करते हुए हिंदी को ज्ञान, विज्ञान, तकनीक और नवाचार के नए युग से जोड़ना होगा। बदलते समय के साथ हिंदी को आधुनिक तकनीकों और डिजिटल माध्यमों में और अधिक प्रभावशाली बनाना जरूरी है, ताकि हिंदी निरंतर प्रगति करे और विश्व के हर मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सके।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल हिंदी भाषा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की समृद्ध क्षेत्रीय बोलियों, लोकभाषाओं और साहित्यिक परंपराओं में भी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत समाहित है। सरकार हिंदी के साथ-साथ उत्तराखंड की क्षेत्रीय बोलियों, लोकभाषाओं एवं साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने तथा साहित्य और भाषा के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मान देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। नई पीढ़ी को अपनी भाषा और साहित्य से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक श्रीमती सविता हरबंस कपूर सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।





