



- होटलों में तीन माह का सीसीटीवी बैकअप अनिवार्य करने की मांग, बिना वैध आईडी नाबालिगों को कमरा देने वालों पर पॉक्सो के तहत कार्रवाई के निर्देश
ऋषिकेश/देहरादून,31 अगस्त(दिलीप शर्मा): ऋषिकेश के एक होटल में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले का उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सोमवार को एम्स ऋषिकेश पहुंचकर उपचाराधीन पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की तथा घटना की जानकारी ली। उन्होंने पीड़िता को न्याय, समुचित उपचार और सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आयोग अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक देहात जया बलूनी तथा ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट से दूरभाष पर बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश तेज करने और कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों को बहकाने पर चिंता
कुसुम कंडवाल ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिगों से संपर्क कर उन्हें बहला-फुसलाकर अपराध का शिकार बनाए जाने की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और किशोरियों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर अभिभावकों को भी सजग रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से कहा कि मामले की जांच में सभी पहलुओं को गंभीरता से शामिल किया जाए और फरार आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध कानून के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाए।
होटल प्रबंधन की भूमिका पर भी आयोग सख्त
मामले में होटल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग अध्यक्ष ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर राज्यभर के होटलों में सुरक्षा और पहचान सत्यापन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने प्रदेश के सभी होटलों में कम से कम तीन माह का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की व्यवस्था अनिवार्य किए जाने की मांग की है। आयोग के अनुसार, इससे आवश्यकता पड़ने पर पुलिस, महिला आयोग और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) संदिग्ध गतिविधियों तथा होटल में आने-जाने वाले लोगों के रिकॉर्ड की जांच कर सकेंगे।
बिना आईडी और आयु सत्यापन कमरा देने वालों पर कार्रवाई की मांग
महिला आयोग अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना वैध पहचान पत्र और आयु सत्यापन के नाबालिगों को कमरा उपलब्ध कराने वाले होटल प्रबंधन को भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की।
कुसुम कंडवाल ने कहा कि होटल संचालकों और प्रबंधनों की जिम्मेदारी है कि वे कमरा उपलब्ध कराने से पहले पहचान और आयु संबंधी दस्तावेजों का उचित सत्यापन करें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
“बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेंगे”
महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “प्रदेश में बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार इस्तेमाल के प्रति जागरूक करें। साथ ही पुलिस एवं प्रशासन से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।





