जनता मिलन में गूंजे जनसमस्याओं के मुद्दे, 42 शिकायतों पर डीएम ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश, डीएम बोलीं—महज औपचारिकता नहीं, शिकायतकर्ता को मिले वास्तविक राहत




टिहरी गढ़वाल,31अगस्त(दिलीप शर्मा): जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने पुनर्वास, प्रतिकर, सड़क निर्माण, आपदा, पेंशन, पेयजल, विद्युत, आवास और आर्थिक सहायता समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर कुल 42 शिकायतें एवं मांग पत्र प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने कई मामलों का मौके पर ही संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की भी हुई समीक्षा
जनता मिलन के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने लंबे समय से लंबित शिकायतों और अधिक संख्या में लंबित प्रकरण वाले विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिकायतकर्ता की समस्या का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को अपने कार्यालय स्तर पर सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने और लंबित मामलों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए।
पर्यटन सड़क से मकान की छत क्षतिग्रस्त, डीएम ने मांगी रिपोर्ट
पाली गांव निवासी अंजना देवी ने जिलाधिकारी को बताया कि निर्माणाधीन पर्यटन सड़क के कारण उनके आवास की छत क्षतिग्रस्त हो गई है। मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारी को तत्काल मौके का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बरसात के दौरान सड़क का पानी लोगों के घरों तक पहुंचने की समस्या को देखते हुए सड़क की जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
श्रमिक कार्ड के नाम पर वसूली की शिकायत, ठेकेदारों की जांच के निर्देश
लंबगांव, प्रतापनगर निवासी केशव रावत ने शिकायत की कि प्रतापनगर सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिक कार्ड बनवाने के नाम पर ठेकेदारों द्वारा प्रमाणपत्र के लिए धनराशि ली जा रही है।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम अधिकारी को श्रमिक कार्ड एवं संबंधित प्रमाण-पत्रों की जांच के साथ ठेकेदारों के पंजीकरण का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी सीएससी केंद्र के स्तर पर भी अनियमितता सामने आती है तो संबंधित केंद्र का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
25 दिनों से लापता रेशमा देवी का मामला भी पहुंचा जनता मिलन में
ग्राम प्रधान मोटना प्रदीप सिंह एवं ग्रामीणों ने 25 दिनों से लापता रेशमा देवी के अब तक नहीं मिलने तथा उनके ससुराल पक्ष की भूमिका संदिग्ध होने की जानकारी जिलाधिकारी को दी।
डीएम ने बताया कि मामला पुलिस जांच के अधीन है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रकरण को लेकर गंभीर है और पुलिस जांच के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दिव्यांग सहित विधवा महिलाओं ने रखीं समस्याएं
दिखोल गांव निवासी दिव्यांग जसपाल सिंह ने भी अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। वहीं मजाफ गांव निवासी मंजू देवी एवं ललिता देवी ने बताया कि उन्हें विधवा पेंशन का लाभ मिल रहा है और उन्होंने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पात्रता के अनुसार आवश्यक पेंशन लाभ दिलाने तथा दोनों महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
पुरानी शिकायतों के निस्तारण पर भी डीएम का जोर
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनता मिलन में प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कुछ पुरानी शिकायतें दोबारा जनता मिलन में सामने आई हैं। इन मामलों में पूर्व में जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं और अब इन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले।
ये अधिकारी रहे मौजूद
जनता मिलन कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, परियोजना निदेशक डीआरडीए ज्योति, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता, एसएलएओ नीलू चावला, जिला आबकारी अधिकारी के.पी. सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रेष्ठा भाकुनी, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील बडोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






