उत्तराखंडटिहरी गढ़वालराष्ट्रीय खेल दिवस

राष्ट्रीय खेल दिवस पर राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में ऑनलाइन संगोष्ठी

खेलों से विकसित होती है अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना की क्षमता : वक्ता

टिहरी गढ़वाल, 29 अगस्त(दिलीप शर्मा): राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार को ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को खेलों के महत्व के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनके व्यक्तित्व में अनुशासन, नेतृत्व, साहस, राष्ट्रभक्ति, टीम भावना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।

राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष मनाया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज बिजलवान, कैप्टन, एनएसएस एवं अंग्रेजी प्रवक्ता, पीएम श्री अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज खाड़ी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति, साहस और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को अनुशासित और आत्म-अनुशासित बनाते हैं। साथ ही जीवन में आने वाली हताशा और निराशा से उबरकर सकारात्मक एवं आशावादी दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ मस्तिष्क के लिए भी जरूरी हैं खेल

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ए.के. सिंह ने कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है।” खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और जीत को सकारात्मक रूप से स्वीकार करने की प्रवृत्ति विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि खेल जाति और धर्म जैसी संकीर्ण सीमाओं से ऊपर उठकर सामूहिकता, भाईचारे और एकजुटता की भावना को मजबूत करते हैं। उत्तराखंड जैसे नवोदित राज्य में सरकार की ओर से खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ नेतृत्व एवं टीम भावना विकसित करने का अवसर मिल सके।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी जीवन में कोई बच्चा खेल के मैदान तक नहीं गया, तो उसने जीवन के एक महत्वपूर्ण अनुभव से स्वयं को वंचित कर लिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ-साथ नियमित रूप से खेल गतिविधियों में प्रतिभाग करने का आह्वान किया।

खेल शारीरिक ही नहीं, मानसिक और भावनात्मक विकास का भी माध्यम

कार्यक्रम की संयोजिका एवं क्रीड़ा प्रभारी डॉ. संगीता बिजलवान जोशी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही आवश्यक नहीं हैं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आह्वान किया।

ऑनलाइन आयोजित संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अजीत, डॉ. शन्नवर, डॉ. ईरा सिंह, डॉ. सीमा पांडे, डॉ. मीना एवं डॉ. मीनाक्षी सहित शिक्षणेत्तर कर्मचारी शूरवीर सिंह, आशीष, दीपक, मनीषा, हितेश एवं पंकज मौजूद रहे। महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने भी ऑनलाइन माध्यम से उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में छात्रा सोनम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, प्राचार्य, प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी का समापन विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक करने और खेल गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करने के संकल्प के साथ हुआ।

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