उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ जनजागरूकता अभियान को दें और गति

एन-कोर्ड समिति की बैठक में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के सख्त निर्देश, अवैध नशे के कारोबार पर संयुक्त कार्रवाई और मेडिकल स्टोरों की निगरानी बढ़ाने पर जोर

 

टिहरी गढ़वाल, 27 अगस्त(दिलीप शर्मा): जनपद में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता गतिविधियों को और तेज करने पर जोर दिया है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जनपद स्तरीय एन-कोर्ड (N-CORD) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशे के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई, जनजागरूकता अभियानों और विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ राजस्व, आबकारी और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से प्रभावी कार्यवाही करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की तस्करी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें।

मेडिकल स्टोरों पर बढ़ेगी निगरानी, सीसीटीवी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को मासिक निरीक्षण की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक फार्मेसी और मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता अधिकतम स्तर तक सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आबकारी और पुलिस विभाग को संयुक्त कार्रवाई करते हुए सत्यों-सक्लाना, धनोल्टी और कैंपटी क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएं, ताकि युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।

उच्च शिक्षण संस्थानों में युवाओं के लिए भी उठाए जाएंगे प्रभावी कदम

जिलाधिकारी ने अगली एन-कोर्ड बैठक में टीएचडीसी तथा पीजी कॉलेजों के प्राचार्यों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए संस्थानों के स्तर पर प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।

समाज कल्याण विभाग को नशामुक्त एवं शराबमुक्त घोषित गांवों की सूची अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया। वहीं पुलिस विभाग को ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए, जहां पोस्त, अफीम आदि की अवैध खेती की संभावना हो सकती है।

जुलाई में एनडीपीएस के तहत एक और आबकारी अधिनियम में 15 अभियोग

बैठक में पुलिस विभाग ने बताया कि जुलाई माह में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसमें स्मैक बरामद की गई। वहीं आबकारी अधिनियम के तहत 15 अभियोग दर्ज किए गए।

टीएनटीएफ टीमों द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए जनजागरूकता अभियान के तहत जुलाई माह में 48 गोष्ठियां आयोजित की गईं। इनमें 2,195 छात्र-छात्राओं और 2,171 स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया। कोटपा अधिनियम के तहत जुलाई माह में 262 चालान किए गए, जबकि अब तक कुल 1,931 चालान किए जा चुके हैं।

तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्कूलों में प्रशिक्षण और काउंसलिंग

चिकित्सा विभाग ने बताया कि नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम के तहत विद्यालयों में चार प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा दो स्वास्थ्य शिविरों में भी संबंधित गतिविधियां संचालित की गईं।

टीसीसी काउंसलिंग के तहत 101 सामान्य काउंसलिंग, 15 फार्माकोथेरेपी और दो फोकस्ड ग्रुप डिस्कशन आयोजित किए गए।

आबकारी विभाग ने अब तक की 91 छापेमारी

आबकारी विभाग ने बैठक में बताया कि अब तक 91 छापेमारी की जा चुकी हैं, जिनमें 14 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा भी अब तक 12 निरीक्षण किए गए हैं।

समाज कल्याण विभाग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति के माध्यम से प्रत्येक माह दो गांवों में नशामुक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्राम सुधार समितियों का गठन भी किया गया है। नगर पालिका टिहरी क्षेत्र में कॉकटेल रहित विवाह समारोह आयोजित करने के लिए भी विभाग द्वारा सहयोग किया गया।

शिक्षण संस्थानों में सक्रिय की गईं एंटी ड्रग कमेटियां

शिक्षा विभाग ने बताया कि जनपद के शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग कमेटियों को सक्रिय किया गया है। नशे की लत से प्रभावित छात्रों का डेटा तैयार कर उनकी काउंसलिंग के प्रयास किए जा रहे हैं।

वहीं सूचना विभाग द्वारा मानस हेल्पलाइन-1933 का सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से नियमित प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सहायता और परामर्श की सुविधा पहुंचाई जा सके।

अधिकारियों ने लिया नशामुक्त जनपद के लिए समन्वित प्रयास का संकल्प

बैठक में एसएसपी टिहरी श्वेता चौबे वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं। इसके अलावा डीएफओ टिहरी हिमांशु, एडीएम शैलेंद्र नेगी, एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता, मनोचिकित्सक डॉ. रीना सिंह, सीओ टिहरी चंद्र मोहन, आबकारी अधिकारी कुंवर सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर ऋषभ धामा, एसीएमओ डॉ. अमलेश कुमार, समाज कल्याण विभाग से मयंक थपलियाल, रॉड्स एनजीओ से रवीश चमोली सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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