मित्रता, सेवा और सुरक्षा की मिसाल बनी ऋषिकेश पुलिस
तीन बुजुर्ग महिलाओं को मिलवाया उनके बिछुड़े साथियों से, लौटाई मुस्कान, देखें वीडियो


देहरादून / ऋषिकेश, 20 जुलाई 2025 – उत्तराखंड पुलिस का “मित्रता, सेवा, सुरक्षा” का संकल्प एक बार फिर ज़मीन पर साकार होता नज़र आया, जब ऋषिकेश पुलिस ने सेवा भाव की मिसाल पेश करते हुए तीन बुजुर्ग महिलाओं को उनके बिछड़े हुए साथियों से मिलवाकर इंसानियत का परिचय दिया।
दिनांक 19 जुलाई की सायं, कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र अंतर्गत नटराज चौक पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को तीन बुजुर्ग महिलाएं घबराई व मायूस हालत में मिलीं। पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं को समझते हुए तत्काल तीनों महिलाओं – मेवा, बतासी और मिश्री, निवासी नौरंगाबाद गुर्जरों की ढाणी तिलोडी, हरियाणा – को नजदीकी पुलिस बूथ पर ले जाकर प्रेमपूर्वक पानी व जूस पिलाया और उन्हें ढांढस बंधाया।
तीनों महिलाएं कांवड़ यात्रा के दौरान अपने गांव की 11 महिलाओं के साथ नीलकंठ दर्शन हेतु आई थीं, लेकिन भारी भीड़ के कारण अपने समूह से बिछड़ गईं। बुजुर्ग और अशिक्षित होने के कारण वे न तो अपने जिले, थाना, और घरवालों का नंबर बता पा रही थीं और न ही उस स्थान की जानकारी दे सकीं, जहां वाहन खड़ा किया गया था।
ऐसे में ऋषिकेश पुलिस ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए गूगल के माध्यम से उनके गांव और संबंधित थाने की जानकारी निकाली, फिर संबंधित थाने से वार्ता कर गांव के सरपंच के माध्यम से पिकअप ड्राइवर का नंबर हासिल किया। ड्राइवर से संपर्क कर जानकारी जुटाई गई, जिसके आधार पर पता चला कि बाकी यात्री आईडीपीएल पार्किंग में रुके हुए हैं।
थाने की गाड़ी से तीनों महिलाओं को आईडीपीएल पार्किंग लाकर उनके साथियों से मिलाया गया। साथियों से मिलते ही बुजुर्ग महिलाओं की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों को आशीर्वाद दिया और उनके मानवीय व्यवहार की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
🔹 पुलिस सेवा का मानवीय चेहरा
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड पुलिस न केवल कानून व्यवस्था की रक्षक है, बल्कि जरूरतमंदों की सच्ची मददगार भी है। ऋषिकेश पुलिस की यह संवेदनशील, सतर्क और सेवा-प्रधान कार्यशैली प्रशंसा के योग्य है।
“जहां भरोसा, वहां उत्तराखंड पुलिस”









