उत्तराखंडऋषिकेश

कीर्तन-भजन से जीवात्मा का परमात्मा से होता है मिलन: युवराज गोपालाचार्य जी

गोस्वामी तुलसीदास जयंती महोत्सव के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का संगम

ऋषिकेश, 24 जुलाई 2025 – श्री रामायण प्रचार समिति द्वारा आयोजित 40वें वार्षिकोत्सव के अंतर्गत गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह के तीसरे दिन श्री तुलसी मानस मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। कथावाचक युवराज स्वामी गोपालाचार्य जी महाराज ने मानस कथा प्रवचन के दौरान कहा कि कीर्तन, भजन और पूजन ही वह माध्यम हैं, जिनसे जीवात्मा का परमात्मा से मिलन संभव होता है।

उन्होंने कहा कि जो मनुष्य नियमित रूप से धर्म कार्यों में लगा रहता है, उस पर भगवान शंकर की कृपा स्वतः ही हो जाती है। उन्होंने भजन-कीर्तन और पूजन को मानव जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मुख्य मार्ग बताया।

प्रवचन के दौरान स्वामी गोपालाचार्य जी ने श्रद्धालुओं को बताया कि जहां नियमित रूप से प्रभु का गुणगान होता है, वहां देवी-देवताओं का वास सुनिश्चित होता है।
सुबह के सत्र में व्यास आचार्य वेद प्रकाश मिश्रा महाराज के सान्निध्य में ऋषि कुमारों द्वारा संगीतमय सामूहिक रामायण नवाह्न पाठ का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि श्रावण मास में कथा श्रवण, शिव पूजन एवं धार्मिक आयोजनों में सहभागिता का विशेष महत्व होता है।

कार्यक्रम के अंतर्गत 10 दिनों तक वृक्षारोपण, संस्कृति युवा प्रतिभा सम्मान एवं कवि सम्मेलन जैसे विविध सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गढ़वाल की संस्कृति को कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

इस भव्य आयोजन में गोविंद रिमाल, मनीष डिमरी, अजय गर्ग, ललित जिंदल, नवल कपूर, राम चौबे, अभिषेक शर्मा, अमृतलाल नागपाल, अशोक कुमार अरोड़ा, पंकज शर्मा, प्रवीण अग्रवाल, रमाकांत भारद्वाज, जितेंद्र पवार, तेजपाल पवार और मनोज पवार सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

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