ऋषिकेश, 3 सितम्बर 2025 – लगातार हो रही भारी वर्षा और टिहरी स्थित कोटेश्वर डैम से पानी छोड़े जाने के कारण ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की ढलवाला टीम ने लोगों से सतर्क रहने और नदी किनारों से दूरी बनाने की अपील की है।
प्रमुख घाटों पर SDRF की निगरानी
गंगा के तेज़ बहाव और बढ़ते जलस्तर के मद्देनज़र SDRF टीम ने त्रिवेणी घाट, राम झूला सहित शहर के अन्य प्रमुख घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को समय रहते सचेत किया। टीम द्वारा बार-बार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी गई कि वे नदी के किनारे न जाएँ और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएँ।

भारी वर्षा और डैम से छोड़े गए पानी का असर
सूत्रों के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार भारी वर्षा जारी है, जिसके चलते टिहरी जिले में स्थित कोटेश्वर डैम से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। इसी वजह से गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया और ऋषिकेश क्षेत्र में खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि: SDRF
एसडीआरएफ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और अधिक सुदृढ़ कर दिया गया है। SDRF ने अपील की है कि लोग प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन टीम के दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
स्थानीय नागरिकों से अपील
टीम ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से यह भी आग्रह किया है कि वे गंगा के तेज़ बहाव को देखते हुए घाटों पर स्नान या अन्य गतिविधियों से बचें। प्रशासन द्वारा हर स्तर पर स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं।
यह खबर आपदा प्रबंधन से जुड़ी गंभीर परिस्थिति की ओर इशारा करती है। ऐसे समय में नागरिकों का सहयोग और सतर्कता ही जनहानि से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।










