अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी: युवा महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर पर विशेषज्ञ चिंतित
प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग कैंसर का उभरता कारक: प्रो. मीनू सिंह


ऋषिकेश (दिलीप शर्मा) : एम्स ऋषिकेश के नर्सिंग शिक्षा और अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र (CENER) के तत्वावधान में ब्रैस्ट कैंसर इन यंग वूमेन फ़ाउंडेशन (BCYWF), USA के सहयोग से “युवा महिलाओं में स्तन कैंसर–2025” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने किशोरियों व युवा महिलाओं में स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र पहचान, नियमित स्क्रीनिंग और जनजागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एम्स की निदेशक एवं सीईओ प्रो. मीनू सिंह ने की। उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर जीवनशैली, आनुवंशिकता और पर्यावरणीय कारणों से प्रभावित होता है, जिनमें प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग भी एक उभरता हुआ जोखिम कारक है। उन्होंने बताया कि माइक्रोप्लास्टिक विभिन्न रोग स्थितियों में योगदान देते हैं, इसलिए प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करना समय की मांग है। प्रो. सिंह ने समुदाय स्तर पर जांच एवं स्क्रीनिंग को सुलभ बनाने के लिए मोबाइल वैन के उपयोग की संभावनाओं पर भी बल दिया।
संगोष्ठी में प्रो. जया चतुर्वेदी (डीन अकादमिक), प्रो. सत्यश्री बालिजा (मेडिकल सुपरिटेंडेंट), CNO डॉ. अनीता रानी कंसल, तथा प्रो. फ़रहान-उल-हुडा सहित कई वरिष्ठ विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सह-अध्यक्षता प्रो. स्मृति अरोड़ा (प्राचार्य, CENER) एवं प्रो. राकेश कुमार (CRI, HIMS) ने की।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों से लगभग 250 प्रतिभागियों और प्राचार्यों ने हिस्सा लिया।अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों में प्रो. मैरी जे.वी. पीटर्स (नीदरलैंड), सुश्री लॉर्ना लार्सन (कनाडा) और सुश्री जोसेफ़ा कॉर्टेस (चिली) शामिल रहीं, जिन्होंने युवा महिलाओं में स्तन कैंसर के जोखिम, जागरूकता और शीघ्र पहचान पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किए।
सुश्री जोसेफ़ा कॉर्टिस ने “स्तन स्वास्थ्य: अपने शरीर को जानें” विषय पर ऑनलाइन सत्र लिया तथा पल्पा डिवाइस द्वारा स्तन परीक्षण पर वीडियो प्रदर्शित किया।
पैनल चर्चा का संचालन प्रो. वर्तिका सक्सेना ने किया, जिसमें विशेषज्ञों ने जागरूकता और निदान में विलंब को कम करने हेतु वैश्विक सहयोगात्मक रणनीतियों पर विचार साझा किए।
प्रो. फ़रहान-उल-हुडा ने स्तन संरक्षण सर्जरी, कॉन्ट्रालैटरल मास्टेक्टॉमी और उपचार में ऑन्कोफर्टिलिटी के समावेश पर बल दिया तथा उपचार उपरांत स्तन पुनर्निर्माण शिक्षा को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में नर्सिंग छात्रों द्वारा स्तन कैंसर जागरूकता से जुड़े पोस्टरों का भी प्रदर्शन किया गया।

समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। आयोजन सचिव डॉ. राजराजेश्वरी ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।









