देहरादून, 27 नवंबर (दिलीप शर्मा) : राजभवन में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और जनसेवा पर आधारित लेखिका संभावना पंत की पुस्तकों ‘पुष्कर धामी–हिमालय की जीवंत ऊष्मा’ का भव्य लोकार्पण राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से. नि.) गुरमीत सिंह के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती, श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, स्वामी ऋषिश्वरानन्द सहित अनेक संतों का सान्निध्य रहा। पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, सांसद नरेश बंसल, मंत्री गणेश जोशी, अनेक विधायक, वरिष्ठ अधिकारी तथा लेखिका संभावना पंत भी उपस्थित रहीं।

राज्यपाल ने पुस्तकों को सार्थक दस्तावेज बताते हुए कहा कि धामी की संवेदनशीलता, अनुशासन, निर्णय क्षमता और विनम्रता सीखने योग्य गुण हैं। उन्होंने कहा कि अनुभवों को प्रलेखित करना इतिहास को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने अपनी माता से मिली जानकारियों के आधार पर पुस्तक लेखन का उल्लेख किया और कहा कि संघर्षपूर्ण प्रारम्भिक जीवन ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने राज्य में हुए नवाचारों तथा सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखण्ड की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती और आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि धामी का जीवन हिमालयी मूल्यों, सादगी, युवाशक्ति और सेवा भावना का प्रतीक है। यह कृति उनके कार्य-दृष्टिकोण को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत है।
रूपा पब्लिकेशन व प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित यह पुस्तक उत्तराखण्ड के युवा नेतृत्व और सुशासन की दिशा में सार्थक योगदान को दर्शाती है।










