उत्तराखंडदेहरादून

चम्पावत दुष्कर्म प्रकरण में बड़ा खुलासा, SIT जांच में सामने आया साजिश का सच

नाबालिग का इस्तेमाल कर निर्दोषों को फंसाने की कोशिश, महिला आयोग ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

 

देहरादून/चम्पावत, 07 मई(दिलीप शर्मा): जनपद चम्पावत में कथित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण की एसआईटी जांच में बड़े षड्यंत्र का खुलासा होने के बाद उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि कानून का दुरुपयोग कर निर्दोषों को फंसाने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में ही जताई गई थी साजिश की आशंका

महिला आयोग अध्यक्ष ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने चम्पावत की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव से दूरभाष पर वार्ता कर मामले की जानकारी ली थी। प्रथम स्तर की समीक्षा में ही एसपी द्वारा यह संकेत दिए गए थे कि घटना के प्राथमिक साक्ष्य और परिस्थितियां मेल नहीं खा रही हैं तथा प्रकरण संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।

अध्यक्ष ने पुलिस को निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद एसआईटी द्वारा सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और फॉरेंसिक साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया, जिसमें पूरा मामला व्यक्तिगत रंजिश के तहत रची गई साजिश पाया गया।

नाबालिग को बनाया गया साजिश का मोहरा

विवेचना के दौरान सामने आया कि कमल रावत नामक व्यक्ति ने निजी प्रतिशोध की भावना से एक नाबालिग बालिका को कथित रूप से बहला-फुसलाकर मामले में इस्तेमाल किया। महिला आयोग ने इस कृत्य को अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा कि किसी मासूम बालिका को झूठे प्रकरण में मोहरा बनाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सामाजिक और नैतिक मूल्यों पर भी गंभीर आघात है।

अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए कानून का दुरुपयोग कर निर्दोषों को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

षड्यंत्रकारियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई

महिला आयोग ने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि मामले में संलिप्त मुख्य षड्यंत्रकारी सहित सभी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

आयोग ने स्पष्ट किया कि जहां वह महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं कानून के दुरुपयोग के मामलों में भी समान कठोरता अपनाई जाएगी।

न्याय की शुचिता बनाए रखना आयोग की प्राथमिकता

महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि आयोग पूरे मामले की अंतिम कानूनी प्रक्रिया तक निगरानी बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि के शांत और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने दोहराया कि सरकार और महिला आयोग महिला सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील हैं तथा किसी भी बेटी के सम्मान, निर्दोष व्यक्ति की गरिमा और कानून की मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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