
ऋषिकेश,27 मई(दिलीप शर्मा): भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने मानवता और सेवा का संदेश देते हुए शिक्षकों को जल सेवा अभियान चलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राहगीरों, मजदूरों, तीर्थ यात्रियों और जरूरतमंदों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर शीतल जल की व्यवस्था करना सच्ची सेवा है।
स्वामी जी ने शिक्षकों से घरों, विद्यालयों और दुकानों के बाहर मिट्टी के मटकों में स्वच्छ पानी रखने तथा पशु-पक्षियों के लिए भी जल पात्र रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में पक्षियों और जानवरों को पानी उपलब्ध कराना जीवनदान देने के समान है।
उन्होंने विद्यार्थियों और समाज में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति और सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा देती रही है।
इस अवसर पर शिक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जल सेवा अभियान चलाने का संकल्प लिया।










