
ऋषिकेश, 20 जुलाई(दिलीप शर्मा): प्रदेश में भारी वर्षा की चेतावनी और गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), जल पुलिस एवं आपदा राहत दल ने सोमवार को ऋषिकेश, मुनि की रेती तथा लक्ष्मण झूला क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों पर संयुक्त रूप से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया।
अभियान के दौरान राहत एवं बचाव दलों ने घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को लाउडहेलर के माध्यम से सतर्क करते हुए तत्काल घाट खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। अधिकारियों ने लोगों को बताया कि लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नदी का बहाव अत्यधिक तेज और खतरनाक हो गया है। ऐसे में नदी के किनारे ठहरना या जलधारा के समीप जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
घाटों पर लगातार निगरानी, प्रशासन ने बरतने को कहा विशेष सावधानी
SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल की टीमें सभी संवेदनशील घाटों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में नदी के किनारे न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। साथ ही किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या दुर्घटना की आशंका होने पर तत्काल संबंधित कंट्रोल रूम अथवा आपदा राहत दल को सूचना देने का आग्रह किया गया है।
अफवाहों से बचें, सुरक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता
SDRF ने श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। राहत एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि लोग किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनियों एवं निर्देशों का ही पालन करें।
प्रशासन ने कहा है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा एवं राहत व्यवस्था भी तत्काल लागू की जाएगी। ऐसे में सभी नागरिकों से सहयोग और सतर्कता बरतने की अपील की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।











