
ऋषिकेश, (दिलीप शर्मा): थाना मुनिकीरेती क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित साईं घाट पर गंगा स्नान के दौरान दिल्ली निवासी एक युवक के डूबने की सूचना मिलने पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने तत्काल सर्च अभियान शुरू कर दिया है। टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संभावित डूब क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गहन तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली से सात युवकों का एक समूह ऋषिकेश भ्रमण के लिए आया था। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे सभी युवक साईं घाट पर गंगा स्नान करने पहुंचे। इसी दौरान शौर्य नागर (20 वर्ष), पुत्र किशनपाल, निवासी बिसरख जलालपुर, गौतमबुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) ने नदी में तैरने का प्रयास किया, लेकिन गंगा के तेज बहाव और गहराई के कारण वह पानी में बह गया और देखते ही देखते डूब गया।

घटना की सूचना उसके साथियों ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और स्थानीय पुलिस, प्रत्यक्षदर्शियों तथा परिजनों से जानकारी जुटाकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
एसडीआरएफ द्वारा नदी के तेज बहाव और घटनास्थल की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित तरीके से अभियान चलाया जा रहा है। टीम संभावित बहाव क्षेत्र, नदी किनारों और अन्य संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन कर रही है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।
अन्य लापता लोगों की तलाश भी जारी
एसडीआरएफ ने बताया कि वर्तमान अभियान के साथ-साथ पूर्व में डूबे अन्य लोगों की तलाश भी लगातार जारी है। इनमें यूसुफ बीच क्षेत्र में डूबे राहुल चौहान (दिल्ली निवासी), फूलचट्टी क्षेत्र में डूबे शैलेंद्र (ग्वालियर, मध्य प्रदेश निवासी) तथा चंद्रेश्वरनगर क्षेत्र में स्नान के दौरान लापता हुए एक दंपति की खोज शामिल है। इन सभी मामलों में भी अब तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है।
एसडीआरएफ की अपील
एसडीआरएफ उत्तराखण्ड ने पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे गंगा नदी में बिना पर्याप्त जानकारी और सुरक्षा व्यवस्था के प्रवेश न करें तथा तैरने का प्रयास बिल्कुल न करें। गंगा का बहाव अत्यंत तीव्र और अप्रत्याशित हो सकता है, इसलिए केवल चिन्हित एवं सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों और चेतावनी बोर्डों का पालन करें।
एसडीआरएफ ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है और जनसुरक्षा के लिए विभाग हर समय राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।









