
ऋषिकेश, 04 जुलाई(दिलीप शर्मा): त्रिवेणी घाट पर शनिवार को गंगा के तेज बहाव में बह रहे दो लोगों को एसडीआरएफ, जल पुलिस और आपदा राहत दल की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने अलग-अलग अभियानों में सकुशल बचाकर बड़ा हादसा टाल दिया। दोनों घटनाएं दोपहर के समय हुईं, जब गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ था।
पहली घटना दोपहर करीब 1 बजे की है। अमेठी (उत्तर प्रदेश) से आए 22 सदस्यीय दल के साथ त्रिवेणी घाट पर स्नान कर रहे लक्ष्मण (30 वर्ष), पुत्र सुखलाल, निवासी थाना जामो, जनपद अमेठी का अचानक पैर फिसल गया, जिससे वह गंगा की तेज धारा में बहने लगा। घाट पर तैनात रेस्क्यू टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 200 मीटर तक पीछा कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक जांच में उसकी स्थिति सामान्य पाए जाने पर उसे उसके साथी विनोद एवं अन्य साथियों के सुपुर्द कर दिया गया।
दूसरी घटना करीब 1:30 बजे हुई। राजीव (40 वर्ष), पुत्र नंदकिशोर, निवासी चंदनकोट, गल्ला खेड़ी, तहसील धामपुर, जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश) स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आ गए। बहाव के कारण वह नदी के बीच बने एक टापू पर फंस गए। सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम ने राफ्ट की सहायता से अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बताया गया कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के चलते गंगा का जलस्तर और बहाव सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी अधिक है। ऐसे में घाटों पर तैनात रेस्क्यू टीम लगातार सतर्कता बनाए हुए है।
रेस्क्यू अभियान में जल पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा राहत दल के जवानों ने त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए दोनों व्यक्तियों की जान बचाई। अभियान में जल पुलिस के हेड कांस्टेबल हरिश गुसाईं, आपदा राहत दल के हेड कांस्टेबल नवीन उनियाल व आरक्षी गौरव सिंह, तथा एसडीआरएफ के हेड कांस्टेबल बलबीर चौहान, आरक्षी रजत तोमर एवं होमगार्ड संदीप शामिल रहे।
श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की है कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। ऐसे में केवल निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही स्नान करें तथा रेस्क्यू टीम और पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।










