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कोटद्वार नारी पुनर्वास केंद्र का महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने किया औचक निरीक्षण

महिलाओं और छात्राओं की समस्याएं सुनीं, आवागमन व चिकित्सा सुविधा के लिए समर्पित वाहन उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

कोटद्वार, 8 जुलाई(दिलीप शर्मा): उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने बुधवार को कोटद्वार स्थित नारी पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में रह रही महिलाओं और युवतियों की समस्याएं सुनीं तथा उनकी सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए।

इससे पूर्व आयोग अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, आपके द्वार’ कार्यक्रम में बतौर अतिथि प्रतिभाग किया। जिला उद्योग केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के बाद वह सीधे नारी पुनर्वास केंद्र पहुंचीं और सुरक्षा, खान-पान, आवास तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि वर्तमान में केंद्र में सात महिलाएं एवं युवतियां रह रही हैं। अध्यक्ष ने केंद्र के वातावरण पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहां आश्रित महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने उस मेधावी युवती का भी उल्लेख किया, जो पुनर्वास केंद्र से आगे बढ़कर बी.टेक की पढ़ाई के लिए प्रवेश ले चुकी है।

निरीक्षण के दौरान केंद्र में रह रही महिलाओं और छात्राओं ने आयोग अध्यक्ष के समक्ष अपनी व्यावहारिक समस्याएं भी रखीं। उन्होंने बताया कि विद्यालय एवं कॉलेज दूर होने के कारण आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही केंद्र में रह रही गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल ले जाने के लिए सुरक्षित वाहन की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।

महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मौके से ही आईसीडीएस के निदेशक बी.एल. राणा से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने निर्देश दिए कि नारी पुनर्वास केंद्र में महिलाओं की सुविधा तथा चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समर्पित वाहन की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अपने निर्देश निरीक्षण रजिस्टर में भी दर्ज किए।

अध्यक्ष ने केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आश्रित महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान विभाग की प्रशासनिक अधिकारी विजयलक्ष्मी, सुपरवाइजर सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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