समाज कल्याण योजनाओं को अगले 25 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाए : मुख्यमंत्री धामी
अक्टूबर तक तीन छात्रावासों का निर्माण पूरा करने के निर्देश, 9.80 लाख लाभार्थियों के खातों में डीबीटी से ₹145.42 करोड़ की पेंशन हस्तांतरित

देहरादून, 7 जुलाई(दिलीप शर्मा): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहें, बल्कि अगले 25 वर्षों की चुनौतियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाएं ऐसी हों जो समय के साथ प्रभावी बनी रहें और अन्य राज्यों के लिए भी “बेस्ट प्रैक्टिस” का उदाहरण प्रस्तुत करें।
शासकीय आवास सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि के निर्माण कार्य हर हाल में अक्टूबर माह तक पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विभिन्न योजनाओं के एकीकरण (इंटीग्रेशन) पर जोर देते हुए वित्तीय प्रबंधन और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक औपचारिकताओं से न गुजरना पड़े और समय पर पेंशन प्राप्त हो सके।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं की जून-2026 माह की देय पेंशन राशि का डीबीटी (वन क्लिक) के माध्यम से हस्तांतरण किया। इस दौरान 9 लाख 80 हजार 950 लाभार्थियों के बैंक खातों में लगभग 145 करोड़ 42 लाख रुपये की पेंशन राशि सीधे भेजी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है जो आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी पूरा करे। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार है तथा सरकार इन्हें सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री खजान दास, समाज कल्याण सचिव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।










