ऋषिकेश में पेड़ों की कटाई का विरोध, हाईवे जाम करने पर 9 प्रदर्शनकारी हिरासत में
सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान हुआ हंगामा, पुलिस ने यातायात कराया बहाल; सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज

ऋषिकेश, 17 जुलाई(दिलीप शर्मा): ऋषिकेश-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रहे पेड़ों की कटाई के कार्य का विरोध करना कुछ प्रदर्शनकारियों को भारी पड़ गया। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने नौ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार को वन निगम की ओर से ऋषिकेश-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के लिए सड़क किनारे स्थित पेड़ों की कटाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी मौके पर पहुंचे और वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्य करने से रोकते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे सड़क चौड़ीकरण का कार्य कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन इसके बावजूद कुछ महिला और पुरुष प्रदर्शनकारी काली माता मंदिर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचकर सड़क पर खड़े हो गए और आवागमन बाधित कर दिया। देखते ही देखते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर तैनात पुलिस बल ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया और यातायात को सुचारु कराया। कार्रवाई के दौरान पांच महिलाओं और चार पुरुषों सहित कुल नौ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में नियमानुसार सभी को थाने से रिहा कर दिया गया।
कोतवाली ऋषिकेश में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र सिंह ममंगई की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 308/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 285, 126, 221 एवं 3(5) के तहत मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य नामजद एवं अज्ञात व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आमजन की आवाजाही बाधित करने और सरकारी कार्य में अवरोध उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।










