टिहरी में जल जीवन मिशन की समीक्षा: हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर जिलाधिकारी का जोर
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में योजनाओं की प्रगति का आकलन, गुणवत्ता और समयबद्ध कार्यों के दिए निर्देश

नई टिहरी, 27 जुलाई(दिलीप शर्मा): जनपद टिहरी गढ़वाल में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कार्यालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में जिलाधिकारी नीतिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित पेयजल योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों, जल गुणवत्ता, घरेलू नल कनेक्शनों तथा संचालन एवं अनुरक्षण से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों निर्माण कार्य
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
जल स्रोतों के संरक्षण और गुणवत्ता परीक्षण पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने जल स्रोतों के संरक्षण, पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा जलापूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याएं सामने आ रही हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। साथ ही योजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाकर आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति रिपोर्ट तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
ओडीएफ प्लस लक्ष्य हासिल करने के लिए तेज होगी कार्रवाई
स्वच्छता मिशन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में अभी तक ओडीएफ प्लस का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है, उनकी शीघ्र मैपिंग कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पेयजल योजनाएं एक-दूसरे की पूरक हैं, इसलिए दोनों क्षेत्रों में समान गति से कार्य होना चाहिए।
गारबेज कलेक्शन वाहनों की होगी जीपीएस मैपिंग
बैठक में जनपद के सभी विकासखंडों एवं जिला पंचायत द्वारा संचालित गारबेज कलेक्शन वाहनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी वाहनों का संयुक्त डाटा तैयार कर संबंधित पोर्टल पर उनकी समुचित एंट्री कराई जाए। इसके साथ ही सभी गारबेज कलेक्शन वाहनों की नियमित जीपीएस मैपिंग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने समस्याग्रस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन केंद्रों में अभी तक पेयजल कनेक्शन उपलब्ध नहीं हो सके हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गोवर्धन परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में गोवर्धन परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन, बायोगैस एवं जैविक खाद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान विनोद रमोला, अधीक्षण अभियंता जल निगम वी.के. जैन, अधिशासी अभियंता जल संस्थान नई टिहरी प्रशांत भारद्वाज, देवप्रयाग नरेश पाल, अधिशासी अभियंता जल निगम चम्बा के.एन. सेमवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम मुनि की रेती प्रवीण शाह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
- जल जीवन मिशन की सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश।
- हर घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने पर प्रशासन का विशेष फोकस।
- जल गुणवत्ता परीक्षण और जल स्रोत संरक्षण की नियमित निगरानी के निर्देश।
- ओडीएफ प्लस लक्ष्य से वंचित ग्रामों की मैपिंग कर शीघ्र कार्रवाई होगी।
- गारबेज कलेक्शन वाहनों की पोर्टल एंट्री और जीपीएस मैपिंग अनिवार्य होगी।
- आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश।
- गोवर्धन परियोजना के माध्यम से जैविक अपशिष्ट प्रबंधन और बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर।










