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विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने बांटे पौधे

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर महिलाओं से किया अधिकाधिक पौधारोपण का आह्वान

ऋषिकेश, 28 जुलाई(दिलीप शर्मा): विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी अभियान “एक पेड़ मां के नाम” को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर ऋषिकेश स्थित उनके कैंप कार्यालय में विभिन्न सामाजिक एवं महिला संगठनों से जुड़ी महिला पदाधिकारियों को पौधों का वितरण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया गया।

पर्यावरण संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी : डॉ. अग्रवाल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। यदि आज हम पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

उन्होंने सभी लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह करते हुए कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर पर्यावरण को समृद्ध करें।

महिलाएं बन सकती हैं पर्यावरण संरक्षण अभियान की सबसे बड़ी शक्ति

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि महिलाएं समाज की धुरी होती हैं और सामाजिक जागरूकता फैलाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि महिलाएं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर अपने परिवार और समाज को इसके लिए प्रेरित करें, तो “एक पेड़ मां के नाम” अभियान व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

उन्होंने उपस्थित महिला पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में पौधारोपण अभियान चलाने, लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने तथा हर घर तक हरियाली का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।

महिलाओं ने लिया अधिकाधिक पौधारोपण का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान श्यामपुर मंडल अध्यक्ष चंद्र मोहन पोखरियाल, भाजपा कार्यकर्ता सुमित सेठी, सीमा शर्मा, प्रतिमा देवी, किरण रमोला, सुमित्रा अशवाल, अनीता पोखरियाल, सुनीता कुकरेती, लक्ष्मी रतूड़ी, मीना रावत एवं मीना भट्ट सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने पौधों के महत्व को समझते हुए उन्हें अपने घरों, सार्वजनिक स्थलों एवं आसपास के क्षेत्रों में लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। उपस्थित महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण से जोड़ने का भी संकल्प व्यक्त किया।

हरित उत्तराखंड के निर्माण का दिया संदेश

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, वृक्षारोपण को जनभागीदारी से जोड़ना तथा हरित उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पर्यावरण संरक्षण के बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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