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कांवड़ मेला-2026: 550 से अधिक सुरक्षा कर्मियों के साथ तैयार टिहरी पुलिस, आस्था की यात्रा होगी सुरक्षित और सुगम

एसएसपी श्वेता चौबे ने पुलिस बल को किया ब्रीफ, सेवा, सतर्कता, दृढ़ता और शालीनता के साथ ड्यूटी निभाने के दिए निर्देश

नई टिहरी, 28 जुलाई(दिलीप शर्मा): श्रावण मास के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सुरक्षित एवं सफल संचालन के लिए टिहरी पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को प्राथमिकता देते हुए जनपद के विभिन्न मेला क्षेत्रों और यात्रा मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने कैलाश गेट स्थित ओंकारानंद सरस्वती निलायम स्कूल में मेला ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विस्तृत ब्रीफिंग करते हुए सेवा भाव, अनुशासन, सतर्कता और शालीनता के साथ जिम्मेदारियों के निर्वहन के निर्देश दिए।

‘सेवा और अनुशासन’ के साथ निभाएं दायित्व : एसएसपी

एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा और पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली को प्रदर्शित करने का अवसर भी है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं के साथ सदैव विनम्र, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार करें, जबकि कानून-व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु जब अपनी यात्रा पूरी कर लौटें, तो उनके मन में टिहरी पुलिस की अनुशासित कार्यशैली, सेवा भावना और उत्तराखंड की “अतिथि देवो भवः” संस्कृति की सकारात्मक छवि अंकित होनी चाहिए।

550 से अधिक सुरक्षा कर्मी संभालेंगे सुरक्षा की कमान

कांवड़ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 550 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी जवान, रिक्रूट आरक्षी एवं अन्य सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मुनिकीरेती, नरेंद्रनगर, चंबा, छाम, देवप्रयाग और कीर्तिनगर थाना क्षेत्रों में राजपत्रित अधिकारियों से लेकर महिला पुलिस, उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी और आरक्षियों तक की ड्यूटी विभिन्न संवेदनशील स्थलों एवं यात्रा मार्गों पर लगाई गई है।

12 पार्किंग, 5 खोया-पाया केंद्र और विशेष पूछताछ केंद्र की व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में 12 पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 5 खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि शिवानंद गेट पर विशेष पूछताछ केंद्र संचालित होगा। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए सात मोबाइल पुलिस पार्टियां लगातार क्षेत्र में भ्रमण करती रहेंगी।

68 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

मेला क्षेत्र की निगरानी आधुनिक तकनीक के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए 68 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन तैनात किए गए हैं, जिनसे 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को सक्रिय रखा गया है। कंट्रोल रूम से प्राप्त प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

साइबर कमांडो और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम रहेगी सक्रिय

कांवड़ मेले के दौरान साइबर सुरक्षा पर भी विशेष फोकस रहेगा। साइबर कमांडो और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी। अफवाह फैलाने, भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

स्नान घाटों पर SDRF और पुलिस की विशेष तैनाती

गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्नान घाटों पर SDRF एवं पुलिस की विशेष रेस्क्यू टीमें तैनात रहेंगी। इसके साथ ही जल पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य विभागों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

ऑपरेशन क्लीन, सत्यापन अभियान और फायर सेफ्टी पर विशेष जोर

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए ऑपरेशन क्लीन के तहत अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जाएगा। होटल, धर्मशाला, ढाबों, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों का सघन सत्यापन अभियान भी जारी रहेगा।

इसके अलावा मेला क्षेत्र में स्थापित शिविरों, धर्मशालाओं और अन्य प्रतिष्ठानों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया गया है। अग्निशमन विभाग की टीमें आवश्यक संसाधनों एवं उपकरणों के साथ तैनात रहेंगी।

सभी विभाग मिलकर संभालेंगे कांवड़ मेले की व्यवस्था

कांवड़ मेले के सफल संचालन के लिए पुलिस के साथ जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, परिवहन विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान, SDRF, अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।

‘सुरक्षा के साथ सेवा का अनुभव देना ही लक्ष्य’

एसएसपी श्वेता चौबे ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि टिहरी पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सेवा, सुरक्षा और सम्मान का ऐसा अनुभव देना है कि वह उत्तराखंड और टिहरी पुलिस की सकारात्मक एवं भरोसेमंद छवि अपने साथ लेकर जाए।

उन्होंने सभी कार्मिकों से सेवा भावना, अनुशासन, संवेदनशीलता और पूर्ण सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

टिहरी पुलिस का संदेश

“दृढ़ता में कानून का पालन, शालीनता में सेवा का सम्मान। सुरक्षित कांवड़ यात्रा, सुगम कांवड़ यात्रा।”

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