
हरिद्वार, 7 मार्च(दिलीप शर्मा): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी “नूतन न्याय संहिता” विषय पर आधारित है, जिसका उद्देश्य नई आपराधिक न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता को बढ़ावा देना है।
प्रदर्शनी में भारत सरकार द्वारा लागू नई न्याय व्यवस्थाओं—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम —की प्रमुख विशेषताओं को सरल, दृश्य और इंटरैक्टिव माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों और अभियोजन अधिकारियों सहित सभी हितधारकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से अवगत कराना है।
प्रदर्शनी में समयबद्ध जांच और चार्जशीट की अनिवार्यता, जीरो एफआईआर एवं ई-एफआईआर की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता तथा महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधानों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इन नई न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। यह प्रदर्शनी 9 मार्च तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी।
इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार की विकासपरक उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर राज्य सरकार के विकास कार्यों की जानकारी ली।
यह विकास प्रदर्शनी मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित है। प्रदर्शनी में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
प्रदर्शनी के माध्यम से राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।










