अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सवउत्तराखंडऋषिकेश

ऋषिकेश योग महोत्सव का भव्य समापन, राज्यपाल गुरमीत सिंह ने दिया शांति और अध्यात्म का संदेश

सिख धर्म के निशान को बताया संत, विद्वान और सैनिक का प्रतीक; योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति की वैश्विक महत्ता पर दिया जोर

ऋषिकेश/मुनिकीरेती(दिलीप शर्मा): अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह आयोजन केवल समापन नहीं, बल्कि पूरी मानवता को अध्यात्म और शांति का संदेश देने वाला महोत्सव है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की पावन भूमि से योग का संदेश पूरे विश्व में गूंज रहा है और भारत “सबका भला, सबका विकास” के मंत्र के साथ वैश्विक नेतृत्व कर रहा है।

 

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि शांति बनाए रखने के लिए शक्ति का होना आवश्यक है। उन्होंने भारतीय सनातन परंपरा, योग और आयुर्वेद को देश की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यही हमारी सभ्यता की जड़ें हैं।

 

सिख धर्म के प्रतीक चिन्ह पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इसके तीन प्रमुख चिन्ह संत, विद्वान और सैनिक के प्रतीक हैं, जो संतुलित और सशक्त समाज का संदेश देते हैं।

उन्होंने उत्तराखंड को ऋषि-मुनियों और तपस्वियों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां की गंगा, अध्यात्म और जड़ी-बूटी परंपरा विश्व को आकर्षित कर रही है। योग महोत्सव के दौरान विभिन्न आयामों—हेरिटेज, रन फॉर योगा, स्वच्छता मिशन और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता—का उल्लेख करते हुए उन्होंने आयोजन की सराहना की।

 

इस अवसर पर श्री श्री रविशंकर सहित विभिन्न योगाचार्यों, देश-विदेश के साधकों और प्रतिभागियों की उपस्थिति का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन को मंच पर सम्मानित किया।

विश्व जल दिवस के अवसर पर उन्होंने “जल ही जीवन है” का संदेश देते हुए जल संरक्षण पर भी जोर दिया।

 

कार्यक्रम में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति अध्यात्म से परिपूर्ण है और भक्ति, ज्ञान तथा साधना के माध्यम से भारत विश्व को दिशा दे रहा है।

प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने राज्यपाल के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि योग ऊर्जा का स्रोत है और ऋषिकेश विश्व की योग राजधानी के रूप में स्थापित हो चुका है।

 

समापन अवसर पर प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन ने सभी अतिथियों, योगाचार्यों, साधकों और मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयोजन को दिव्यता, भव्यता और नव्यता प्रदान करने का प्रयास सफल रहा है।

कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, विभिन्न संत-महात्मा, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में योग साधक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button