22 अप्रैल से खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, यात्रा व्यवस्थाओं का सीएम धामी ने किया स्थलीय निरिक्षण
रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक जमीनी हकीकत परखी, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश—सुरक्षा, सुविधा और “ग्रीन यात्रा” पर विशेष जोर


रुद्रप्रयाग,17 अप्रैल(दिलीप शर्मा): आस्था और श्रद्धा के प्रतीक श्री केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का ग्राउंड जीरो पर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक कार द्वारा भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा तथा कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क के पैचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर और सुरक्षा उपायों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य यात्रा प्रारंभ होने से पहले हर हाल में पूर्ण किए जाएं।
इसके बाद गुप्तकाशी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार रखने के निर्देश दिए। साथ ही हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों के पास पुलिस चौकियों में दवाइयों, पेयजल और फूड पैकेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने “ग्रीन यात्रा” के तहत यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया और भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सभी हितधारकों से संवाद बनाकर समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी बल दिया।
गैस आपूर्ति के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस की मांग की गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को “वोकल फॉर लोकल” अभियान से जोड़ते हुए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट सहित जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










