अंगदान मानवता का सबसे बड़ा दान, जागरूकता अभियान लगातार चलना चाहिए : राज्यपाल
एम्स ऋषिकेश में अंगदाताओं के परिजनों का सम्मान, मृत्योपरांत भी जीवन देने वालों को बताया अमर


ऋषिकेश, (दिलीप शर्मा): आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसस (एम्स)ऋषिकेश में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में माननीय राज्यपाल ने अंगदान कर दूसरों को नया जीवन देने वाले अंगदाताओं के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने 3 डिसीज्ड ऑर्गन डोनर तथा 12 लाइव ऑर्गन डोनरों के परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

सम्मानित होने वालों में मुख्य रूप से डिसीज्ड ऑर्गन डोनर रघु पासवान, श्रीमती निधि और सचिन के परिजन शामिल रहे। इसके अलावा किडनी और लीवर दान कर जरूरतमंदों को नया जीवन देने वाले दानदाताओं के परिवारों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अंगदान सबसे श्रेष्ठ दान की श्रेणी में आता है और इसके प्रति समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान करने वाला व्यक्ति मृत्यु के बाद भी दूसरों के जीवन में जीवित रहता है और सदैव अमर हो जाता है। उन्होंने लोगों से अंगदान के लिए आगे आने और इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मिलिट्री नर्सिंग सेवा से सेवानिवृत्त कर्नल बीनू शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री, ट्रॉमा विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम, हेली इमरजेंसी मेडिकल सेवा के नोडल ऑफिसर डॉ. मधुर उनियाल तथा डीन एग्जाम प्रो. बी.के. बस्तिया ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान इस दिशा में लगातार जागरूकता और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने का कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर संस्थान के उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल गोपाल मेहरा, डीन रिसर्च प्रो. शैलेन्द्र हाण्डू, मुख्य नर्सिंग अधिकारी अनिता रानी कंसल सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी भागीदारी की, जिनमें ऋषिकेश मेयर शम्भू पासवान, महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, स्वामी आनन्द जी महाराज, माधव सेवा विश्राम सदन तथा रोटरी क्लब के सदस्य शामिल रहे।










