उत्तराखंडटिहरी गढ़वालविकास कार्यसमीक्षा बैठक

बालगंगा तहसील भवन निर्माण कार्यों की एडीएम ने की समीक्षा

वर्षा ऋतु से पहले छत निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

टिहरी गढ़वाल,16 मई(दिलीप शर्मा): अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में तहसील बालगंगा के नव निर्मित आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति, धनराशि आवंटन तथा गुणवत्ता संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उप जिलाधिकारी घनसाली मंजू राजपूत, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग घनसाली तथा नायब तहसीलदार बालगंगा वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि अनावासीय भवन निर्माण के लिए 274.40 लाख रुपये के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 109.76 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं, जबकि आवासीय भवन हेतु 147.71 लाख रुपये के सापेक्ष 88.62 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने बताया कि उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए जाने की शर्त पर द्वितीय किश्त जारी करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 85 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति 48 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इस पर एडीएम ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में निर्माण कार्य में हुई देरी के कारणों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि भूमि समतलीकरण और चीड़ के पेड़ों के कटान की अनुमति मिलने में समय लगने से कार्य प्रभावित हुआ। वर्तमान में भवन के भूतल की सटरिंग का कार्य चल रहा है, जिसे अगले 3 से 4 दिनों में पूरा कर प्रथम तल का निर्माण शुरू किया जाएगा।

अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु से पहले भवन की छत का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही उप जिलाधिकारी घनसाली को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अधिशासी अभियंता ने बताया कि अनावासीय भवन का निर्माण कार्य सितंबर 2026 तक तथा आवासीय भवन का कार्य जून 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी स्थिति में नवंबर 2026 तक दोनों भवनों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

बैठक में निर्माण कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

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