

ऋषिकेश, 04 जून(दिलीप शर्मा): तीर्थ नगरी ऋषिकेश में आयोजित ‘ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स’ की 117वीं दो दिवसीय बैठक का गुरुवार को होटल नटराज में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में समापन हो गया। नगर निगम ऋषिकेश की मेजबानी में आयोजित इस राष्ट्रीय महाधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 से अधिक नगर निगमों के महापौरों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
सम्मेलन के दौरान शहरी विकास, स्थानीय निकायों के सुदृढ़ीकरण तथा नागरिक सुविधाओं को वैश्विक स्तर का बनाने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा और मंथन किया गया। प्रतिनिधियों ने नगर प्रशासन को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के लिए कई सुझाव एवं प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
समापन सत्र एवं अतिथि सम्मान समारोह में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि स्थानीय नगर निकाय लोकतंत्र की रीढ़ हैं और विकसित भारत के निर्माण में महापौरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए नगर निगम ऋषिकेश की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
देवभूमि की संस्कृति की झलक
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं नगर निगम ऋषिकेश की ओर से देश के विभिन्न हिस्सों से आए सभी महापौरों को देवभूमि उत्तराखंड की पावन स्मृति के रूप में ‘पवित्र गंगाजली’ भेंट की गई। आस्था और शुद्धता के प्रतीक स्वरूप प्रदान की गई इस भेंट की सभी अतिथियों ने सराहना की तथा ऋषिकेश की आतिथ्य परंपरा की प्रशंसा की।

उल्लेखनीय है कि सम्मेलन का शुभारंभ 03 जून को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने किया था। उद्घाटन के बाद त्रिवेणी घाट पर भव्य गंगा आरती एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया था, जिसने प्रतिभागियों को देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।
समापन अवसर पर नगर निगम ऋषिकेश के महापौर ने देशभर से आए अतिथियों, पुलिस-प्रशासन, मीडिया प्रतिनिधियों तथा नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए गए निर्णय देश के शहरी विकास और स्थानीय निकायों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
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