
ऋषिकेश, 5 जून(दिलीप शर्मा): ऋषिकेश के भट्टोवाला क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने घटना पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश पहुंचकर घायल युवकों का हालचाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली।
अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल प्रशासन एवं वरिष्ठ चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायलों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने पीड़ित परिवारों और तीमारदारों से भी मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता और न्याय का भरोसा दिलाया।
दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन
कुसुम कंडवाल ने कहा कि देवभूमि की शांति और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने कोतवाली प्रभारी ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट से मामले की विस्तृत जानकारी ली और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से फोन पर वार्ता कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश
महिला आयोग अध्यक्ष ने एसएसपी देहरादून को निर्देश दिए कि मामले में फरार आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा एक आरोपी की गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी सराहनीय कदम है, लेकिन शेष आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाना आवश्यक है ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण बना रहे।
बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन पर विशेष जोर
कुसुम कंडवाल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों का अनिवार्य सत्यापन बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्यापन अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
‘पुलिस मित्र’ व्यवस्था को सक्रिय बनाने की जरूरत
महिला आयोग अध्यक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ‘पुलिस मित्र’ प्रणाली की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकती है तथा किसी भी अप्रिय घटना की सूचना समय रहते पुलिस तक पहुंचाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि गांवों और रिहायशी क्षेत्रों में आने वाले अज्ञात व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखना आवश्यक है, जिससे अपराध और नशे जैसी प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाया जा सके।
देवभूमि की सुरक्षा सर्वोपरि
कुसुम कंडवाल ने कहा कि उत्तराखंड की शांतिपूर्ण छवि को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ सरकार और प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।










