मानसून से पहले प्रशासन अलर्ट: एडीएम ने ऋषिकेश-मुनि की रेती में ड्रेनेज व बाढ़ सुरक्षा कार्यों का किया निरीक्षण
चन्द्रभागा नदी चैनलाइजेशन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश, ड्रेनेज व्यवस्था संतोषजनक मिली; ढालवाला बाढ़ सुरक्षा योजना के स्थल का भी किया निरीक्षण

नई टिहरी, 04 जुलाई(दिलीप शर्मा): मानसून के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बाढ़ सुरक्षा एवं जल निकासी व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल शैलेंद्र सिंह नेगी ने शनिवार को ऋषिकेश एवं मुनि की रेती क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने चन्द्रभागा नदी में रेलवे पुल से आईएसबीटी पुल तक चल रहे चैनलाइजेशन कार्य का अवलोकन किया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस पर एडीएम ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि चैनलाइजेशन पूर्ण होने से क्षेत्र में बाढ़ का खतरा कम होगा और जन-धन की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-80/2021 के अंतर्गत ऋषिकेश नगर से सटे मुनि की रेती नगर पालिका परिषद एवं तपोवन नगर पंचायत क्षेत्र में विकसित वर्षा जल निकासी (ड्रेनेज) परियोजनाओं का निरीक्षण किया। प्रथम चरण मुनि की रेती, द्वितीय चरण ढालवाला तथा तृतीय चरण चौदह बीघा एवं तपोवन क्षेत्र में निर्मित ड्रेनेज तंत्र का जायजा लेने पर कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि निर्मित ड्रेनों के माध्यम से बरसाती पानी की प्रभावी निकासी हो रही है, जिससे मुनि की रेती एवं तपोवन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का सफल समाधान हुआ है। प्रशासन का मानना है कि मानसून के दौरान इससे स्थानीय नागरिकों को काफी राहत मिलेगी।
अपर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग की प्रस्तावित ढालवाला बाढ़ सुरक्षा द्वितीय चरण योजना के प्रस्तावित स्थल का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत बाढ़ सुरक्षा दीवार एवं सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान स्थल को परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया।
एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही प्रस्तावित सड़क वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी उपयोगी साबित होगी, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में भी राहत मिलेगी।










