



ऋषिकेश,19 सितंबर(दिलीप शर्मा): दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जीत पर ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी विजयी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी हैं। डूसू चुनाव में एबीवीपी ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह निर्वाचित हुए हैं।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि वह स्वयं अपने छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। ऐसे में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की सफलता उनके लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए एबीवीपी के तीन प्रत्याशियों को समर्थन दिया जाना छात्र शक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में भी एबीवीपी की सफलता छात्र राजनीति में युवाओं की सक्रिय भूमिका को सामने लाती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि उनके अनुसार यह परिणाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रवाद, राष्ट्रहित और सकारात्मक छात्र राजनीति के प्रति युवाओं के समर्थन को दर्शाता है। पंजाब विश्वविद्यालय छात्र परिषद के चुनाव में भी एबीवीपी ने अध्यक्ष पद पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की थी।
डॉ. अग्रवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा युवाओं और छात्रों के बीच किए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव में एबीवीपी को मिले समर्थन को वह युवाओं के स्पष्ट जनादेश के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के बीच राष्ट्र प्रथम की भावना मजबूत है और आज का युवा देश के विकास, राष्ट्रहित तथा मजबूत भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति की भूमिका केवल चुनाव तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था, सुरक्षित छात्र आवास, रोजगार, कौशल विकास और बेहतर शैक्षणिक वातावरण जैसे विषयों के समाधान के लिए छात्र संगठनों को प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।
डॉ. अग्रवाल ने डूसू अध्यक्ष निर्वाचित यश डबास, सचिव रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी विद्यार्थियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विश्वविद्यालय और छात्रहित में सकारात्मक कार्य करेंगे।




