



ऋषिकेश, 12 अक्टूबर(दिलीप शर्मा): माँ गंगा के पावन तट स्थित परमार्थ निकेतन में 11 से 15 अक्टूबर तक चौथी बार माँ शबरी रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। सैस फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस रामलीला का शुभारंभ परमार्थ निकेतन के पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती, भारतीय जनता पार्टी के पंजाब सह-प्रभारी एवं माँ शबरी रामलीला के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा तथा कलाकारों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

ओडिशा और छत्तीसगढ़ के जनजातीय कलाकारों द्वारा संगीतमय नाट्य शैली में प्रस्तुत रामलीला लोकसंस्कृति, संगीत और अभिनय का अनूठा संगम है। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम के प्रति माँ शबरी की अनन्य भक्ति, त्याग, धैर्य और समर्पण की कथा को जीवंत किया जा रहा है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि माँ शबरी की भक्ति का संदेश है कि ईश्वर प्रेम, करुणा और सेवा के भाव में निवास करते हैं। प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी निष्कपट श्रद्धा सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और समरसता की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि रामकथा के आदर्शों को जीवन में अपनाकर ही समाज में सद्भाव और एकात्मता स्थापित की जा सकती है।

रामलीला के माध्यम से नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। आयोजन में विश्व मोहन शर्मा, मनोज त्यागी, सुमित कुमार, जितेंद्र चौरसिया और डॉ. मुकेश कुमार सहित अन्य सहयोगियों का योगदान रहा। निर्देशक डॉ. अनु, चारू सिंह और उपनिदेशक प्रवीण के मार्गदर्शन में कलाकारों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।

परमार्थ निकेतन की ओर से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और संस्कृति प्रेमियों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील की गई है। जो लोग प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वे परमार्थ निकेतन के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से भी जुड़ सकते हैं।





