कुंजापुरी मेले में खेल प्रतियोगिताओं का आगाज, वॉलीबॉल के मुकाबले शुरू
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा और सुबोध उनियाल ने किया शुभारंभ, विजेता टीमों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार




नरेंद्रनगर, 12 अक्टूबर(दिलीप शर्मा): ऐतिहासिक 50वें मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दूसरे दिन सोमवार को मुख्य बाजार स्थित खेल मैदान में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा और मेला संरक्षक कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रतियोगिताओं के साथ महिला एवं पुरुष वर्ग की वॉलीबॉल स्पर्धा के मुकाबले भी शुरू हो गए। मेले में आयोजित होने वाली विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों और टीमों को आकर्षक पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम में खेल समिति के अध्यक्ष साकेत बिजल्वाण ने मुख्य अतिथि प्रदीप बत्रा और विशिष्ट अतिथि सुबोध उनियाल का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा स्मृति चिह्न भेंट किए। प्रतियोगिताओं के शुभारंभ के बाद दोनों मंत्रियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और वॉलीबॉल को सर्विस कर मुकाबलों की शुरुआत की। इस दौरान खेल मैदान में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।

खेलों से युवाओं में विकसित होती है नेतृत्व क्षमता : प्रदीप बत्रा
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित करती हैं।
वहीं, मेला संरक्षक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कुंजापुरी मेला क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का बेहतर मंच प्रदान कर रहा है। मेला समिति युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्ष खेल प्रतियोगिताओं को और भव्य स्वरूप दिया गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।

वॉलीबॉल विजेता को एक लाख एक हजार रुपये का पुरस्कार
खेल समिति के अध्यक्ष साकेत बिजल्वाण ने बताया कि मेले के तहत आयोजित प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं के लिए पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। महिला एवं पुरुष वॉलीबॉल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को एक लाख एक हजार रुपये के साथ 15 हजार रुपये किराया भत्ता दिया जाएगा। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 51 हजार रुपये और 15 हजार रुपये किराया भत्ता मिलेगा, जबकि तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 10 हजार रुपये यात्रा भत्ता दिया जाएगा।
महिला एवं पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता में विजेता टीम को 21 हजार रुपये और चार हजार रुपये किराया भत्ता, जबकि उपविजेता टीम को 15 हजार रुपये और चार हजार रुपये किराया भत्ता प्रदान किया जाएगा। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को चार हजार रुपये यात्रा भत्ता मिलेगा। पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपये और द्वितीय पुरस्कार 11 हजार रुपये निर्धारित किया गया है।

मैराथन से लेकर कैरम तक होंगी प्रतियोगिताएं
मेले के अंतर्गत आयोजित मैराथन दौड़ में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 11 हजार, आठ हजार और पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
कैरम प्रतियोगिता के युगल वर्ग में प्रथम पुरस्कार 15 हजार रुपये और द्वितीय पुरस्कार छह हजार रुपये रखा गया है। वहीं, एकल वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 5,100 रुपये और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 3,100 रुपये दिए जाएंगे। कैरम प्रतियोगिता के आयोजन में स्थानीय सभासद रवि नेगी सहयोग कर रहे हैं।
खेल समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, मेले के आगामी दिनों में वॉलीबॉल के अलावा ओपन कबड्डी, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम और राइफल शूटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही मैराथन दौड़ तथा विद्यालयी स्तर की विभिन्न खेल एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों ने बांधा समां
मेले के प्रथम दिवस आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नरेंद्रनगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में देर रात तक लोकगीतों की धूम रही और दर्शक पहाड़ की लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आए।
पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट ने पारंपरिक जागर गायन के माध्यम से मां नंदा देवी और स्थानीय देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान किया। लोक गायक किशन महिपाल ने ‘फ्योंलड़िया’, ‘रानीखेता रामधोला’ और ‘घुघुती’ जैसे लोकप्रिय गीतों से समां बांधा। वहीं, मीना राणा ने ‘मेरा डांडी-कांठियों का मुल्क’ और ‘पाल्या गांव का मोहना’ जैसे लोकगीत प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
लोक गायिका संगीता ढौंडियाल ने ‘ढोल दमाऊ बाजी गेना’ और ‘देवी कुंजापुरी मैया’ जैसे गीतों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की छटा बिखेरी।
कार्यक्रम में मेला समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं दर्शक उपस्थित रहे।





